पटना। शहर के अगमकुंआ थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशीली दवाओं के एक ऐसे सिंडिकेट का खुलासा किया है, जिसके तार नेपाल बॉर्डर तक जुड़े हैं। भगवत नगर में हुई छापेमारी में पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपए की नशीली दवाएं और प्रतिबंधित इंजेक्शन जब्त किए हैं। इस मामले में पुलिस अब सरकारी तंत्र और अस्पतालों के कर्मियों की मिलीभगत की गहराई से जांच कर रही है।
छापेमारी में मिली प्रतिबंधित दवाओं की बड़ी खेप
पटना पूर्वी एसपी परिचय कुमार के नेतृत्व में 6 अप्रैल को हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने जयंत कुमार नामक तस्कर को गिरफ्तार किया है। बरामद खेप में 9,370 नशीले इंजेक्शन, 5,537 यूनिट कोडीन युक्त कफ सिरप और भारी मात्रा में एंटीबायोटिक्स शामिल हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि नशे के लिए स्नेक बाइट एंटी-वेनम का भी इस्तेमाल किया जा रहा था।
नेपाल तक फैला है नेटवर्क, 10 साल से सक्रिय था गिरोह
पूछताछ में सामने आया कि गिरोह का मास्टरमाइंड नीरज कुमार अपने साथियों कुंदन और जयंत के साथ पिछले 10 वर्षों से इस अवैध धंधे में लगा था। इनका नेटवर्क बिहार के विभिन्न जिलों से होते हुए नेपाल सीमा तक फैला है। तस्करों ने गुजरात, हिमाचल और उत्तराखंड में निर्मित दवाओं को अवैध रूप से स्टॉक कर रखा था।
सरकारी दवाओं की चोरी और री-पैकेजिंग का खेल
गिरफ्तार जयंत ने खुलासा किया कि नीरज अस्पतालों के सरकारी कर्मियों की मदद से एक्सपायर हो चुकी दवाओं को सस्ते में खरीदता था। इन दवाओं की री-पैकेजिंग कर उन्हें दोबारा मार्केट में खपाया जाता था। पुलिस ने इस मामले में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट और सरकारी दवाओं की चोरी के तहत दो अलग-अलग प्राथमिकी (FIR) दर्ज की हैं। अब रडार पर वे ट्रांसपोर्ट कंपनियां भी हैं, जो इस अवैध सप्लाई चेन को सुरक्षित रास्ता मुहैया करा रही थीं।
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