Ritlal Yadav: दानापुर से राजद के पूर्व विधायक और बाहुबली रीतलाल यादव को पटना हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने रंगदारी, अवैध भूमि कब्जा और संगठित गिरोह चलाने के गंभीर आरोपों में घिरे रीतलाल यादव की जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। मामले की सुनवाई कर रहे जस्टिस सत्यव्रत वर्मा की पीठ ने कहा कि, अपराध की गंभीरता और इतिहास को देखते हुए जमानत देना संभव नहीं है।
गौरतलब है कि रीतलाल यादव पर एक बिल्डर से रंगदारी मांगने और धमकी देने के साथ-साथ संगठित अपराधी गिरोह का संचालने करने का गंभीर आरोप है। इसी मामले में उन्होंने अप्रैल 2025 में दानापुर कोर्ट में सरेंडर किया था। पहले उन्हें बेऊर जेल भेजा गया, लेकिन बाद में सुरक्षा कारणों से उन्हें भागलपुर की जेल शिफ्ट कर दिया गया। अभियोजन पक्ष ने कोर्ट में दलील दी कि रीतलाल का प्रभाव क्षेत्र में भय का माहौल पैदा करता है, जिससे जांच और न्याय प्रक्रिया प्रभावित हो सकती है।
जस्टिस सत्यव्रत वर्मा की एकल पीठ ने सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अपना फैसला सुनाया। रीतलाल यादव की ओर से अधिवक्ता राजेंद्र नारायण ने अपना पक्ष रखते हुए जमानत की गुहार लगाई, जिसका सरकारी वकील ने कड़ा विरोध किया। सरकारी वकील ने कहा कि, पूर्व विधायक के खिलाफ अलग-अलग थानों में 40 के करीब मुकदमें हैं। अंत में अदालत ने केस से जुड़े तथ्यों और पुलिस डायरी में मौजूद साक्ष्यों के आधार पर रीतलाल की जमानत याचिका को नामंजूर कर दिया।
हाई कोर्ट से जमानत खारिज होने के बाद अब रीतलाल यादव के पास सुप्रीम कोर्ट जाने का विकल्प होगा। हालांकि, 40 लंबित मुकदमों और रंगदारी जैसे गंभीर आरोपों के बीच सुप्रीम कोर्ट से भी उन्हें राहत मिलना एक बड़ी चुनौती होगी।
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