पटना। सिटी के बाईपास थाना क्षेत्र अंतर्गत पैजावा इलाके में एसटीएफ और बिहार पुलिस ने एक बड़ी संयुक्त कार्रवाई करते हुए अवैध लॉटरी के काले कारोबार का पर्दाफाश किया है। एक रिहायशी मकान में गुपचुप तरीके से चल रहे इस प्रिंटिंग प्रेस पर छापेमारी कर पुलिस ने करीब 1 करोड़ रुपये मूल्य के अवैध लॉटरी कूपन और टिकट बरामद किए हैं।

​एसटीएफ की छापेमारी

​पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पैजावा में एक साधारण दिखने वाली बिल्डिंग के भीतर बड़े पैमाने पर गैरकानूनी गतिविधियां चल रही हैं। योजनाबद्ध तरीके से जब एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम ने वहां दबिश दी, तो परिसर में हड़कंप मच गया। पुलिस ने घेराबंदी कर भागने की कोशिश कर रहे 18 लोगों को हिरासत में लिया है।

​आधुनिक मशीनों से छप रहे थे टिकट

​जांच के दौरान पुलिस को मौके से अत्याधुनिक प्रिंटिंग मशीनें, भारी मात्रा में कागज के बंडल और रंगीन स्याही मिली है। गिरोह यहां न केवल टिकट छापता था, बल्कि उनकी पैकेजिंग और वितरण का काम भी यहीं से होता था। शुरुआती जांच के अनुसार, यह गिरोह लंबे समय से सक्रिय था और एक संगठित नेटवर्क के रूप में काम कर रहा था।

​बड़े अंतरराज्यीय नेटवर्क की आशंका

​पटना सिटी के पुलिस अनुमंडल पदाधिकारी (SDPO-2) डॉ. गौरव कुमार ने बताया कि बरामद लॉटरी की कीमत 80 लाख से 1 करोड़ रुपये के बीच है। उन्होंने अंदेशा जताया है कि इस रैकेट के तार अन्य जिलों और पड़ोसी राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है ताकि मुख्य सरगना तक पहुंचा जा सके। स्थानीय लोगों के अनुसार, बाहर से यह एक सामान्य मकान जैसा दिखता था, जिससे किसी को भी भीतर चल रहे इस गोरखधंधे की भनक नहीं लगी।