पटना। मार्च का महीना खत्म होने को है और तपिश बढ़ती जा रही है, लेकिन पटना जंक्शन पर यात्रियों की प्यास बुझाना अब महंगा सौदा साबित हो रहा है। स्टेशन पर उपलब्ध रहने वाला किफायती वॉटर वेंडिंग मशीन का पानी अब बीते दिनों की बात हो गई है। यात्रियों को मिलने वाला 5 रू. का सस्ता पानी बंद है, जिसके कारण मजबूरी में उन्हें 14 रू. से 15 रू. की रेल नीर या अन्य ब्रांडेड बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं।

​टेंडर के फेर में अटकी सुविधा

पटना जंक्शन से रोजाना करीब 2.5 लाख यात्रियों का आवागमन होता है। जंक्शन पर पानी की किल्लत का मुख्य कारण टेंडर प्रक्रिया का उलझना है। पूर्व में सेवा दे रही एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के बाद, IRCTC ने नई एजेंसी को टेंडर तो दिया, लेकिन घाटे का हवाला देते हुए उस एजेंसी ने संचालन शुरू ही नहीं किया। नतीजा यह है कि वॉटर वेंडिंग मशीनें धूल फांक रही हैं और वाटर कूलर भी बंद पड़े हैं।

​प्रमुख स्टेशनों पर यात्रियों का दबाव (प्रतिदिन):

  • ​पटना जंक्शन: 2.5 लाख
  • ​दानापुर स्टेशन: 1.5 लाख
  • ​राजेंद्रनगर टर्मिनल: 50 हजार
  • ​पाटलिपुत्र जंक्शन: 30 हजार

​महंगाई का गणित: कितना बढ़ा बोझ?

आम तौर पर वॉटर वेंडिंग मशीन से मिलने वाले पानी की कीमतें बहुत कम होती थीं (जैसे 1 लीटर पानी महज 5 रू. से 8 रू. में मिल जाता था)। अब यात्रियों को उसी मात्रा के लिए तीन गुना अधिक कीमत चुकानी पड़ रही है। मध्यम और निम्न वर्ग के यात्रियों के लिए यह स्थिति किसी दोहरी मार से कम नहीं है।

​सस्ते पानी की रेट लिस्ट (जो अभी बंद है)