​पटना। बिहार की राजधानी के परसा बाजार थाना क्षेत्र में तीन वर्षीय मासूम बच्ची के साथ हुई हैवानियत के खिलाफ रविवार को जन-आक्रोश का सैलाब उमड़ पड़ा। इस जघन्य अपराध के विरोध में और दोषियों को फांसी की सजा दिलाने की मांग को लेकर सैकड़ों महिलाओं और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने फुलवारी शरीफ की सड़कों पर जोरदार प्रदर्शन किया।

​सुधा वर्गीज के नेतृत्व में न्याय की हुंकार

​नारी गुंजन की संस्थापक और प्रख्यात सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री सुधा वर्गीज के नेतृत्व में यह विरोध मार्च निकाला गया। मार्च फुलवारी शरीफ के नया टोला से शुरू होकर शहीद भगत सिंह चौक, थाना मोड़ और पेठिया बाजार होते हुए प्रखंड मुख्यालय तक पहुंचा। हाथों में इंसाफ की मांग वाली तख्तियां लिए प्रदर्शनकारियों के ‘मासूम को न्याय दो’ और ‘अपराधियों को फांसी दो’ के नारों से पूरा इलाका गूंज उठा।

​रक्षक ही बने भक्षक: 3 अप्रैल की काली रात

​यह रूह कंपा देने वाली घटना बीते 3 अप्रैल की रात परसा बाजार में हुई थी। मानवता तब शर्मसार हो गई जब महज तीन साल की बच्ची के साथ उसके सगे चाचा और उसके दोस्त ने सामूहिक दुष्कर्म किया। घर के अंदर ही हुई इस दरिंदगी ने सुरक्षा व्यवस्था और पारिवारिक रिश्तों, दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

​सरकार और प्रशासन पर तीखे सवाल

​सभा को संबोधित करते हुए सुधा वर्गीज ने कहा, जब घर के सदस्य ही ऐसे अपराध करेंगे, तो बेटियां कहां सुरक्षित रहेंगी? उन्होंने सरकार के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ नारे पर प्रहार करते हुए कहा कि धरातल पर बेटियां आज भी असुरक्षित हैं। वहीं, सामाजिक कार्यकर्ता तबस्सुम अली ने राज्य की कानून व्यवस्था को कटघरे में खड़ा करते हुए इसे प्रशासन की विफलता बताया।

​प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें
​आक्रोशित समाज ने प्रशासन के सामने तीन प्रमुख शर्तें रखी हैं:

  • ​स्पीडी ट्रायल: पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत तत्काल सुनवाई कर अपराधियों को जल्द से जल्द सजा दी जाए।
  • ​फांसी की सजा: समाज में कड़ा संदेश भेजने के लिए दोषियों को मृत्युदंड दिया जाए।
  • ​सुरक्षा की गारंटी: भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस सुरक्षा तंत्र विकसित किया जाए।

​उग्र आंदोलन की चेतावनी

​मार्च में शामिल महिलाओं ने दो टूक शब्दों में प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि न्याय मिलने में देरी हुई या मामले को दबाने की कोशिश की गई, तो यह प्रदर्शन उग्र आंदोलन का रूप ले लेगा। स्थानीय लोगों में पुलिस की सुस्ती को लेकर गहरा रोष व्याप्त है।