पटना। शहर के पॉश इलाके कृष्णापुरी में पुलिस ने शुक्रवार तड़के एक बड़ी वारदात को होने से रोक लिया। बोरिंग कैनाल रोड स्थित यूनियन बैंक की शाखा में चोरी का प्रयास कर रहे ऑटो गैंग के तीन सदस्यों को पुलिस ने फिल्मी स्टाइल में खदेड़कर दबोच लिया। पकड़े गए बदमाशों के पास से खतरनाक ऑटोमैटिक चाकू और भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए हैं।
गश्ती दल को देखकर भागने लगे बदमाश
घटना शुक्रवार सुबह की है, जब कृष्णापुरी थाने की पुलिस टीम राजापुर पुल के पास गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस की नजर यूनियन बैंक के बाहर खड़े एक संदिग्ध सीएनजी ऑटो पर पड़ी। वहां मौजूद कुछ युवक बैंक के आउटडोर एसी को काटने की कोशिश कर रहे थे। पुलिस की गाड़ी को अपनी ओर आता देख बदमाश ऑटो लेकर बोरिंग कैनाल रोड की तरफ भागने लगे।
घेराबंदी कर हनुमान मंदिर के पास पकड़े गए
बदमाशों को भागता देख पुलिस अलर्ट हो गई और वायरलेस पर सूचना देकर चारों तरफ से घेराबंदी शुरू कर दी। अंततः पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास पुलिस ने ऑटो को घेरकर रोक लिया और तीन आरोपियों को धर दबोचा। पकड़े गए अपराधियों की पहचान मिथिलेश साव (नौबतपुर), गोविंद कुमार (मनेर) और सन्नी कुमार (मैनपुरा) के रूप में हुई है।
हथियार और नशीले इंजेक्शन बरामद
तलाशी के दौरान इनके पास से एक धारदार ऑटोमैटिक चाकू, पिलास, पेचकस और सलाई रिंच जैसे औजार मिले। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि इनके पास से 8 फेनिरमाइन और 10 लीजेसिक इंजेक्शन बरामद हुए। विशेषज्ञों के अनुसार, फेनिरमाइन मूल रूप से एलर्जी के लिए होता है, लेकिन अपराधी इसका इस्तेमाल नशे के लिए कर रहे थे।
दिन में रेकी, रात में वारदात
पूछताछ में आरोपियों ने कुबूल किया कि वे दिन भर ऑटो चलाकर बैंकों और एटीएम के बाहर लगे एसी की रेकी करते थे। मौका मिलते ही वे एसी काटकर कबाड़ में बेच देते थे और उन पैसों से नशा करते थे। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क को खंगाल रही है ताकि यह पता चल सके कि इन्होंने और कितनी जगहों पर चोरी की है।
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