पटना। राजधानी के फतुहा थाना क्षेत्र में पुलिस और एसटीएफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरजिला हथियार तस्कर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। इस दौरान हुई मुठभेड़ में पुलिस ने एक अपराधी को पैर में गोली मारकर दबोच लिया, जबकि उसके दो अन्य साथी भी गिरफ्तार किए गए हैं।

​यूपी से पटना-नालंदा तक फैला था नेटवर्क

​गिरफ्तार तस्करों के पास से 1200 से अधिक जिंदा कारतूस और दो देसी कट्टे बरामद हुए हैं। जांच में सामने आया कि गोलियों का यह जखीरा उत्तर प्रदेश के कानपुर से मंगवाया गया था। इसे फतुहा के रास्ते पटना और नालंदा के इलाकों में सप्लाई किया जाना था। अपराधी स्कॉर्पियो और हैरियर गाड़ियों से खेप लेकर पहुंचे थे।

​घेराबंदी के दौरान फायरिंग

​एसएसपी कार्तिकेय शर्मा के अनुसार, पुलिस को सिरपतपुर गांव के पास अपराधियों के जुटने की गुप्त सूचना मिली थी। जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो तस्करों ने 3-4 राउंड फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में तस्कर भोला उर्फ सुंदरम के पैर में गोली लगी, जिसे इलाज के लिए PMCH में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने मौके से सुमित कुमार और सत्य रोहण यादव को भी गिरफ्तार किया है, जबकि पिंटू कुमार नामक अपराधी फरार होने में कामयाब रहा।

​सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल

​पकड़े गए अपराधी मुख्य रूप से सारण के रहने वाले हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि अपराधी सारण से फतुहा तक लगभग 75 किलोमीटर का सफर दो गाड़ियों में हथियारों के जखीरे के साथ तय कर गए, लेकिन रास्ते में कहीं भी पुलिस चेकिंग की भनक उन्हें नहीं लगी। फिलहाल पुलिस गिरोह के आपराधिक इतिहास और इनके अगले बड़े निशाने की पड़ताल कर रही है।