कुंदन कुमार/​पटना। बिहार की राजधानी पटना का ऐतिहासिक गांधी मैदान एक बार फिर आधुनिक कृषि तकनीक का गवाह बन रहा है। कृषि विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय राज्यस्तरीय कृषि यांत्रिक मेले का भव्य शुभारंभ बिहार के कृषि मंत्री रामकृपाल यादव ने किया। इस मेले का मुख्य उद्देश्य किसानों को नई तकनीक से रूबरू कराना और उनकी आय में वृद्धि करना है।

​100 स्टॉल्स पर सजी आधुनिक तकनीक

​कृषि विभाग ने इस प्रदर्शनी में कुल 100 स्टॉल लगाए हैं, जहां खेती से लेकर बागवानी तक के आधुनिक उपकरणों का प्रदर्शन किया जा रहा है। मेले के पहले ही दिन राज्य के विभिन्न जिलों से आए किसानों की भारी भीड़ देखी गई। विभाग का लक्ष्य है कि किसान पारंपरिक खेती के बजाय आधुनिक मशीनों का उपयोग करें ताकि लागत कम हो और मुनाफा बढ़े।

​आकर्षण का केंद्र: इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर इस साल मेले में सबसे अधिक चर्चा इलेक्ट्रिक ट्रैक्टर की हो रही है। पर्यावरण के अनुकूल और कम रखरखाव खर्च वाले इस ट्रैक्टर को देखने के लिए किसानों में भारी उत्साह है। मंत्री रामकृपाल यादव ने भी इस तकनीक की सराहना करते हुए इसे भविष्य की खेती के लिए एक बड़ा बदलाव बताया।

​50% तक की सब्सिडी का लाभ

​मेले के दौरान किसानों को केवल मशीनें दिखाई ही नहीं जा रही हैं, बल्कि उन्हें रियायती दरों पर उपकरण खरीदने का अवसर भी दिया जा रहा है। कृषि मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी क्रम में, मेले में खरीदारी करने वाले किसानों को विभिन्न यंत्रों पर 50 प्रतिशत तक की सब्सिडी दी जा रही है।

​उन्नत खेती और बागवानी को बढ़ावा

​अपने संबोधन में कृषि मंत्री ने कहा कि यह मेला न केवल कृषि यंत्रों की प्रदर्शनी है, बल्कि उन्नत खेती और बागवानी को प्रोत्साहित करने का एक सशक्त मंच है। आगामी तीन दिनों तक चलने वाले इस आयोजन में बिहार के कोने-कोने से किसान जुटेंगे और कृषि जगत के नवीनतम नवाचारों से लाभान्वित होंगे।