पटना। बिहार में शिक्षक बहाली की राह देख रहे अभ्यर्थियों का धैर्य अब जवाब देने लगा है। सोमवार को राजधानी पटना की सड़कें एक बार फिर सरकार विरोधी नारों और भारी हंगामे की गवाह बनीं। BPSC द्वारा जारी परीक्षा कैलेंडर में शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) का जिक्र न होने से नाराज हजारों अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से जेपी गोलंबर तक जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

​पुलिस और अभ्यर्थियों के बीच भिड़ंत

​हाथों में ‘शिक्षा मंत्री झूठा है’ और ‘I Love TRE-4’ लिखे पोस्टर लिए अभ्यर्थी सुबह से ही पटना की सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का इरादा जेपी गोलंबर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराना था, लेकिन पुलिस ने पहले ही भारी बैरिकेडिंग कर रखी थी। जब अभ्यर्थियों ने बैरिकेड तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश की, तो पुलिस के साथ उनकी तीखी झड़प और धक्का-मुक्की हुई। कुछ आक्रोशित छात्र बैरिकेडिंग के ऊपर चढ़ गए, जिससे काफी देर तक वहां तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।

कैलेंडर से TRE-4 गायब, अभ्यर्थियों में आक्रोश

​विवाद की मुख्य जड़ BPSC का हालिया परीक्षा कैलेंडर है। आयोग ने वर्ष 2026 तक का विस्तृत कैलेंडर जारी किया है, जिसमें 70वीं से लेकर 72वीं CCE और न्यायिक सेवा जैसी 50 से अधिक परीक्षाओं की तिथियां हैं। लेकिन, लाखों युवाओं की उम्मीद TRE-4 का इसमें कहीं कोई उल्लेख नहीं है।
​अभ्यर्थियों का आरोप है कि:
​सरकार पहले एक लाख से अधिक पदों का वादा करके अब मात्र 25-26 हजार पर सिमट गई है।
​कैलेंडर में नाम न होने का मतलब है कि सरकार भर्ती को जानबूझकर लटकाना चाहती है।
​छात्र संगठनों ने इसे सरकार की जुमलेबाजी करार दिया है।

​शिक्षा मंत्री की सफाई: रोस्टर क्लियरेंस का इंतजार

​बढ़ते विवाद के बीच, शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया है कि भर्ती प्रक्रिया रुकी नहीं है, बल्कि प्रशासनिक औपचारिकताओं में फंसी है। उनके अनुसार, बिहार ने दो वर्षों में रिकॉर्ड 2.70 लाख शिक्षकों की नियुक्ति की है। TRE-4 में देरी का कारण चुनाव और रोस्टर क्लियरेंस में होने वाला समय है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि आधे जिलों से रिपोर्ट आ चुकी है और जनवरी के बाद लगभग 25 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने की संभावना है।
​फिलहाल, अभ्यर्थियों का गुस्सा शांत होता नहीं दिख रहा है। उनका साफ कहना है कि जब तक लिखित आदेश या कैलेंडर में परीक्षा की तारीख नहीं आती, उनका आंदोलन जारी रहेगा।