पटना। PU में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की मौजूदगी में हुए हंगामे के बाद छात्र राजनीति गरमा गई है। मामले में नामजद आरोपी और पीयू छात्र संघ के अध्यक्ष शांतनु शेखर ने एक वीडियो संदेश जारी कर प्रशासन और सरकार को खुली चुनौती दी है। शांतनु ने साफ लफ्जों में कहा कि वे न तो सरकार से डरते हैं और न ही पुलिस की कार्रवाई से।

​एनकाउंटर करना है तो कर दीजिए, मैं डरने वाला नहीं

​फरार चल रहे शांतनु शेखर ने पटना जिलाधिकारी (DM) को संबोधित करते हुए कहा कि अगर प्रशासन को लगता है कि SIT या IB लगाकर उन्हें डराया जा सकता है, तो यह उनकी भूल है। उन्होंने कड़े शब्दों में कहा, अगर छात्रों के हक की बात करना गुनाह है, तो आप मुझे गोली मार दीजिए या मेरा एनकाउंटर करा दीजिए, मैं तैयार हूं। मैं न आपकी सरकार से डरता हूं और न आपसे। शांतनु ने उपमुख्यमंत्री विजय सिन्हा पर निशाना साधते हुए संकल्प दोहराया कि वे पटना यूनिवर्सिटी को RSS का अड्डा नहीं बनने देंगे।

​दमनकारी कार्रवाई के खिलाफ एकजुटता का आह्वान

​अपने संदेश में छात्र संघ अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि प्रशासन छात्रों की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन्हें दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ उनकी नहीं, बल्कि पूरे छात्र समुदाय के सम्मान की है। शांतनु ने मांग की है कि आंदोलन के दौरान जिन निर्दोष छात्रों पर FIR दर्ज की गई है, उसे तत्काल वापस लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि मुकदमे वापस होते हैं, तो वे कानून का सम्मान करते हुए खुद को पुलिस के हवाले कर देंगे।

​NSUI स्थापना दिवस पर कोर्ट में करेंगे आत्मसमर्पण

​शांतनु शेखर ने ऐलान किया है कि 9 अप्रैल को NSUI के स्थापना दिवस के मौके पर वे न्यायालय में आत्मसमर्पण करेंगे। उनका कहना है कि वे भागने वालों में से नहीं हैं और उनका सरेंडर यह संदेश देगा कि छात्र नेतृत्व न तो झुकता है और न ही पीछे हटता है। उन्होंने छात्र साथियों को भरोसा दिलाया कि जब तक सभी को न्याय नहीं मिल जाता, संघर्ष जारी रहेगा।

​क्या था पूरा विवाद?

​यह पूरा मामला 30 मार्च का है, जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पटना यूनिवर्सिटी के नए प्रशासनिक और कला संकाय भवन का उद्घाटन करने पहुंचे थे। कार्यक्रम के दौरान छात्रों ने ‘गो बैक’ के नारे लगाए और जमकर विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस का आरोप है कि छात्रों ने सरकारी काम में बाधा डाली और पुलिसकर्मियों के साथ बदतमीजी व हाथापाई की। इस मामले में पुलिस अब तक अनुराग कुमार और काउंसलर मोहम्मद एहसानुल्लाह को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि शांतनु समेत अन्य की तलाश जारी थी।