पटना। राजधानी के अगमकुआं थाना अंतर्गत छोटी पहाड़ी इलाके से एक हृदयविदारक घटना सामने आई है, जहां 26 वर्षीय कविता देवी ने फंदे से लटककर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। रविवार की शाम जब पुलिस मौके पर पहुंची, तो कमरे का दृश्य देख हर कोई स्तब्ध रह गया।

​संघर्ष और अकेलेपन की कहानी

​मूल रूप से धनरूआ की रहने वाली कविता देवी के जीवन में दुखों का पहाड़ दो साल पहले तब टूटा, जब उनके पति कमल किशोर विश्वकर्मा का निधन हो गया। पति की मौत के बाद तीन नन्हे बच्चों की पूरी जिम्मेदारी कविता के कंधों पर आ गई थी। जीवन की गाड़ी को पटरी पर लाने के लिए वह करीब सात महीने पहले छोटी पहाड़ी में किराए के मकान में रहने आई थीं। वह एक प्राइवेट जॉब के जरिए संघर्ष कर रही थीं, ताकि अपने बच्चों का भविष्य संवार सकें।

​तीन मासूमों के सिर से उठा साया

​कविता के तीनों बच्चे फिलहाल वैशाली जिले के महुआ में अपनी नानी के घर रह रहे हैं। पिता को पहले ही खो चुके इन बच्चों के सिर से अब मां का आंचल भी छिन गया है। जैसे ही यह खबर कविता के पैतृक गांव और मायके पहुंची, वहां चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम का माहौल है।

​पुलिस जांच और अनसुलझे सवाल

​अगमकुआं थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी के अनुसार, घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के सटीक कारणों का पता नहीं चल पाया है। पुलिस अब इस बिंदु पर जांच कर रही है कि क्या कविता अत्यधिक आर्थिक तंगी का सामना कर रही थी या फिर इस आत्मघाती कदम के पीछे कोई गहरा मानसिक तनाव या निजी विवाद था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट हो पाएगी।