Paush Month Surya Dev Worship Benefits: मार्गशीर्ष पूर्णिमा के साथ पौष मास की शुरुआत हो चुकी है. ये माह 3 जनवरी तक चलेगा. हिंदू कैलेंडर के अनुसार पौष माह साल का 11वां महीना होता है. इस माह में शुभ और मांगलिक कार्यों की मनाही होती है. एक सप्ताह बीतने के बाद भी पौष माह में भगवान सूर्य देव की पूजा से विशेष फलों की प्राप्ति की जा सकती है.
सूर्य देव की पूजा करने से व्यक्ति को तेज, बल, बुद्धि, विद्या तथा धन की बढ़ोतरी होती है. इस माह में रविवार के उपवास भी रखने से शुभ फलों की प्राप्ति होती है. व्यक्ति को समाज में मान-सम्मान मिलता है. पौष माह में सूर्य देव की पूजा का विशेष महत्व बताया जाता है.
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इस तरह करें सूर्यदेव की उपासना
आदित्य पुराण के अनुसार, पौष महीने के प्रत्येक रविवार को तांबे के बर्तन में जल, लाल चंदन और लाल फूल डालकर सूर्यादय के समय अघ्र्य देना चाहिए. साथ ही ‘ऊं सूर्याय नम:’ मंत्र का जाप करना चाहिए. भगवान भास्कर को अघ्र्य देते समय जल की धारा के बीच से उगते हुए सूर्य का दर्शन का महत्व है.
दिनभर उपवास रखकर सायंकाल अग्निहोत्र आदि कर बिना नमक का भोजन करना चाहिए. इस प्रकार इस महीने प्रत्येक रविवार को सूर्य की उपासना करने से दैविक, दैहिक और भौतिक तीनों कष्टों से छुटकारा मिल जाता है. उपासक की बुद्धि सूर्य के प्रकाश की तरह प्रखर हो जाती है.
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