रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर से लगभग बीस किलो मीटर की दूरी पर स्थित उप-तहसील धरसीवां को प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने पूर्ण तहसील के दर्जा दे दिया है. क्षेत्रीय विधायक अनिता योगेंद्र शर्मा के द्वारा पथरी में छत्तीसगढ़ के प्रथम स्वप्न दृष्ट डॉ खूबचंद बघेल जी की जयंती पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल से मांग की थी. लगातार प्रयासों से मिली इस सौगात से अब ग्रामीणों को राजधानी रायपुर की भागादौड़ से निजात मिलेगी.

जानकारी के मुताबिक धरसीवां प्रदेश का एकमात्र क्षेत्र है. जहां से सर्वाधिक स्वतंत्रता संग्राम सेनानी हुए हैं, जिन्होंने स्वाधीनता की जंग में बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया. भारतवर्ष को अंग्रेजों की गुलामी से आजाद कराया. प्रथक छत्तीसगढ़ राज्य के प्रथम स्वप्न दृष्टा स्वाधीनता सेनानी डॉ खूबचन्द बघेल की जन्म और कर्मभूमि पथरी गांव भी धरसीवां में ही है.

इतना ही नहीं देश की सबसे बड़ी स्पंज आयरन उधोग मंडी में शुमार रखने वाला औद्यौगिक क्षेत्र सिलतरा भी धरसीवां में ही है. बाबजूद इसके इस क्षेत्र के लोगों को हर छोटे बड़े सरकारी कामों के लिए सीधे रायपुर की भागदौड़ करना पड़ती थी. यह पूर्ण तहसील का दर्जा न होने से भी ग्रामीण लोगों को बहुत परेशानियां झेलना पड़ती थी.

इसी को देखते हुए धरसीवां विधाययक अनिता योगेंद्र शर्मा लगातार क्षेत्र के साथ शासन स्तर पर सक्रिय रहकर अपने क्षेत्र की प्रमुख समस्याओं के निदान में लगी रहती हैं. पूर्ण तहसील के दर्जा धरसीवां को दिलाने में उन्हें कामयाबी मिली. धरसीवां को पूर्ण तहसील के दर्जा मिलने से क्षेत्र के लोगों में खुशी का माहौल है. उन्होंने प्रदेश के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल और क्षेत्रीय विधायक का इसके लिए आभार व्यक्त किया है.