Pil On Onion-Garlic Tamasic Energy: प्याज और लहसुन में तामसिक या नेगेटिव एनर्जी होती है या नहीं इसके लिए रिसर्च की मांग को लेकर एक वकील ने सुप्रीम कोर्ट (Supreme court) में याचिका दाखिल की है. मामले में सुनवाई करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया(CJI) सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के वकील सचिन गुप्ता को कड़ी फटकार लगाई. CJI ने पूछा- आधी रात को ये सब पिटीशन ड्राफ्ट करते हो क्या? CJI और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच ने वकील की पांचों PIL अस्पष्ट, फालतू और बेबुनियाद बताकर खारिज कर दीं. सुप्रीम कोर्ट के वकील सचिन गुप्ता 5 पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन(PIL)/जनहित याचिका फाइल की थीं.
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार (9 मार्च, 2026) को एक वकील को जमकर फटकार लगाते हुए कहा कि वह जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं. कोर्ट ने वकील को फटकार लगाते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं अदालतों का बोझ बढ़ाती हैं. लाइव लॉ की रिपोर्ट के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने जब यह याचिका लगी तो वकील की अपील सुनकर सीजेआई बेहद नाराज हुए.
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में कहा कि यह एक आम समस्या है और गुजरात में प्याज-लहसुन के इस्तेमाल की वजह से एक कपल का तलाक हो गया. वकील सचिन गुप्ता खुद पक्षकार के तौर पर पेश हुए थे. सीजेआई सूर्यकांत ने उनसे कहा कि वह जैन समुदाय की भावनाओं को क्यों आहत करना चाहते हैं. सीजेआई के सवाल पर वकील ने कहा, ‘क्योंकि यह एक बहुत आम समस्या है. गुजरात में एक कपल का तलाक सिर्फ भोजन में प्याज का इस्तेमाल किए जाने की वजह से हुआ है.’ हालांकि, बेंच वकील की दलीलों और जनहित याचिका पर बेहद नाराज हुई. कोर्ट ने वकील को चेतावनी दी कि अगली बार ऐसी याचिका दाखिल की तो उनके खिलाफ एक्शन भी लिया जा सकता है.
सीजेआई सूर्यकांत ने कहा, ‘अगली बार आप ऐसी याचिका लेकर आए तो आप देखेंगे कि हम क्या कर सकते हैं.’ यह याचिका संविधान के आर्टिकल 32 के तहत दाखिल की गई थी, इसमें मांग की गई थी कि सुप्रीम कोर्ट कमेटी बनाकर, जांच करवाए कि क्या प्याज तामसिक भोजन में आती है या उसमें कौन से नकारात्मक तत्व हैं. याचिकाकर्ता ने यह भी कहा कि जैन समुदाय के लोग प्याज, लहसुन और जड़ वाली सब्जियां नहीं खाते हैं, वे उन्हें तामसिक भोजन मानते हैं.
कोर्ट ने ये याचिकाएं खारिज करते हुए कहा कि ऐसी याचिकाएं अदालतों का बोझ बढ़ाती हैं. कोर्ट ने कहा कि याचिकाकर्ता अगर वकील न होते तो उन पर अनुकरणीय जुर्माना लगाया जाता. एडवोकेट सचिन गुप्ता ने इसके अलावा तीन और जनहित याचिकाएं भी दाखिल की थीं, लेकिन कोर्ट ने उन्हें भी खारिज कर दिया.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक

