जमुई। लक्ष्मीपुर प्रखंड की ग्राम पंचायत राज मड़ैया में प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर गंभीर अनियमितताओं का मामला सामने आया है। पात्र लाभार्थियों के नाम मनमाने तरीके से काटे जाने और अवैध वसूली के आरोपों से पंचायत में आक्रोश का माहौल है। मामले को लेकर पंचायत की मुखिया शांति देवी ने मंगलवार को दर्जनों ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ समाहरणालय पहुंचकर जिलाधिकारी नवीन एवं डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल को लिखित शिकायत सौंपी।
बिना कारण काटे गए पात्र लाभार्थियों के नाम
मुखिया प्रतिनिधि योगेंद्र कुमार साह ने बताया कि पंचायत के विभिन्न गांवों में कई गरीब व जरूरतमंद परिवारों के नाम पहले आवास योजना की सूची में शामिल थे, लेकिन बाद में बिना किसी स्पष्ट कारण के बड़ी संख्या में नाम हटा दिए गए। इससे गरीब, पिछड़ा और सामान्य वर्ग के वे परिवार प्रभावित हुए हैं, जो आज भी कच्चे व जर्जर मकानों में रहने को मजबूर हैं।
नाम जोड़ने के बदले दो हजार रुपये मांगने का आरोप
वार्ड संख्या एक के वार्ड सदस्य संजय तांती ने पंचायत के पीआरएस प्रवीण कुमार पर आरोप लगाया कि योजना में नाम जोड़ने के लिए प्रति लाभार्थी दो हजार रुपये की मांग की गई। जिन लोगों ने पैसे नहीं दिए, उनके नाम सूची से हटा दिए गए।
चयन प्रक्रिया पर उठे सवाल
वार्ड संख्या 13 के वार्ड सदस्य मुकेश यादव ने बताया कि उनके वार्ड में करीब 150 परिवार आवास के लिए पात्र हैं, लेकिन केवल 25 परिवारों को ही योजना का लाभ मिला। सरपंच अनिल कुमार साह और पंचायत समिति प्रतिनिधि फूलों कुमार ठाकुर ने भी पीआरएस पर लापरवाही और अवैध वसूली का आरोप लगाया।
जांच का निर्देश, कार्रवाई का भरोसा
ग्रामीणों ने बताया कि पहले भी मामले की शिकायत बीडीओ से की गई थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं हुई। डीडीसी सुभाष चंद्र मंडल ने कहा कि प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच का निर्देश दिया गया है और पात्र लाभुकों को हर हाल में योजना का लाभ दिलाया जाएगा।
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