BIMSTEC Summit in Bangkok: डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ वार के बीच पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेने बैंकॉक पहुंच गए हैं। इस सम्मेलन में थाईलैंड, बांग्लादेश, श्रीलंका, नेपाल, म्यांमार और भूटान के नेता हिस्सा ले रहे हैं। थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैतोंगतार्न शिनावात्रा के निमंत्रण पर प्रधानमंत्री मोदी दो दिवसीय थाईलैंड पहुंचे हैं। प्रधानमंत्री मोदी 4 अप्रैल 2025 को आयोजित होने वाले 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में भाग लेंगे। यह प्रधानमंत्री की थाईलैंड की तीसरी यात्रा होगी। इसके बाद पीएम मोदी श्रीलंका दौरे के लिए रवाना हो जाएंगे।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के टैरिफ वार के बीच पीएम मोदी की यह यात्रा काफी अहम मानी जा रही है। ट्रंप ने कई एशियाई देशों पर 25 से 45 फीसदी के बीच टैरिफ लगाया है। ट्रंप ने बिम्सटेक शिखर सम्मेलन की मेजबानी करने वाले थाईलैंड देश पर 36 फीसदी रेसिप्रोकल टैरिफ (Reciprocal Tariff) लगाया है। यह भारत की अपेक्षा 10 फीसदी ज्यादा है। वहीं श्रीलंका पर भी 44 प्रतिशत टैरिफ लगाया है।
शिखर सम्मेलन की मुख्य विशेषताओं में 6वें बिम्सटेक शिखर सम्मेलन घोषणापत्र को अपनाना शामिल है, जो नेताओं के दृष्टिकोण और निर्देशों को हाईलाइट करेगा। साथ ही ऐतिहासिक बैंकॉक विजन 2030, भविष्य के सहयोग को बढ़ाने के लिए पहला रणनीतिक रोडमैप होगा। क्षेत्रीय संपर्क की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के रूप में सभी देशों के नेता समुद्री परिवहन सहयोग समझौते पर भी हस्ताक्षर करेंगे, जिसका उद्देश्य बंगाल की खाड़ी में व्यापार और यात्रा का विस्तार करना है।
बिम्सटेक को लेकर विदेश मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा, “नेताओं से बिम्सटेक ढांचे के भीतर सहयोग बढ़ाने के लिए विभिन्न संस्थान और क्षमता निर्माण उपायों पर भी चर्चा करने की उम्मीद है। भारत क्षेत्रीय सहयोग और साझेदारी को मजबूत करने के लिए बिम्सटेक में कई पहल कर रहा है, जिसमें सुरक्षा बढ़ाना, व्यापार और निवेश को सुविधाजनक बनाना, भौतिक, समुद्री और डिजिटल संपर्क स्थापित करना, खाद्य, ऊर्जा, जलवायु और मानव सुरक्षा में सहयोग करना, क्षमता निर्माण और कौशल विकास को बढ़ावा देना और लोगों के बीच संबंधों को बढ़ाना शामिल है।
मोहम्मद यूनुस से हो सकती है मुलाकात
बिम्सटेक शिखर सम्मेलन में पीएम मोदी बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहाकार मोहम्मद यूनुस से मुलाकात कर सकते हैं। दोनों के बीच यह पहली द्विपक्षीय वार्ता हो सकती है। रोहिंग्या और प्राथमिकता वाले मुद्दों पर मुख्य सलाहकार के उच्च प्रतिनिधि खलीलुर रहमान ने बुधवार को कहा कि बिम्सटेक सदस्य देशों के नेता, यूनुस के साथ भविष्य के कार्यों पर चर्चा करेंगे। एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए रहमान ने कहा, “हमने भारत से यह वार्ता (दोनों देशों के नेताओं के बीच) आयोजित करने का अनुरोध किया है… इस बैठक के होने की पर्याप्त संभावना है।
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बता दें कि शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार के गिरने के बाद भारत और बांग्लादेश के बीच संबंध तनावपूर्ण हो गए हैं। हसीना को भारत भागने पर मजबूर होना पड़ा था। वहीं सत्ता परिवर्तन के बाद व्यापाक पैमाने पर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा हुई थी। इन हिंसाओं को रोकने में मोहम्मद यूनुस नाकाम रहे थे।
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