PM Modi Thailand Visit: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) 2 दिनों के थाईलैंड दौरे पर है. गुरुवार को थाईलैंड की PM पैंटोंगटॉर्न शिनावात्रा के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की. इससे पहले पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया. PM पैंटोंगटॉर्न शिनावात्रा (Paetongtarn Shinawatra) ने प्रधानमंत्री मोदी को प्रसिद्ध बौद्ध धर्मग्रंथ का “The World Tipitaka-Sajjhaya Phonetic Edition” भेंट किया है. दौरे के पहले दिन पीएम नरेंद्र मोदी ने रामायण के थाई रूपांतरण रामकियेन की प्रस्तुति देखी. रामकियेन को थाईलैंड के राष्ट्रीय महाकाव्य के रूप में माना जाता है और थाई लिटरेचर कैनन का एक अभिन्न अंग भी है.
प्रधानमंत्री मोदी गुरुवार को छठे बिम्सटेक (बंगाल की खाड़ी बहु-क्षेत्रीय तकनीकी और आर्थिक सहयोग पहल) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए दो दिवसीय यात्रा पर थाईलैंड पहुंचे, जिसके बाद उन्हें ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ दिया गया। इसके बाद उन्होंने रामकियेन – थाई रामायण की मनमोहक प्रस्तुति भी देखी.
तेलंगाना CM पर भड़का सुप्रीम कोर्ट, कहा- एक साल पहले आपके खिलाफ एक्शन न लेकर हमने गलती कर दी
रामकियेन का मंचन एकलक नु-नगोएन की अगुवाई में थाईलैंड के बुंदितपाटनसिल्पा इंस्टीट्यूट (Bunditpatanasilpa Institute) के म्यूजिक एंड ड्रामा फैकेल्टी के छात्रों के एक ग्रुप ने किया. महाकाव्य की पुनर्कथन 2 शास्त्रीय नृत्य रूपों (भारत के भरतनाट्यम और थाईलैंड के खोन) के एक अनूठे मिश्रण के जरिए प्रस्तुत की गई, जो दोनों देशों के बीच गहरे सांस्कृतिक संबंधों को भी दर्शाता है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर इससे जुड़ी कुछ तस्वीरें भी पोस्ट की.
प्रधानमंत्री मोदी की थाईलैंड यात्रा के दौरान थाई सरकार ने रामायण से संबंधित विषयों पर एक स्पेशल iStamp जारी किया. इस टिकट पर रामकियेन भित्ति चित्र दर्शाए गए हैं जो राजा राम प्रथम के शासनकाल के दौरान चित्रित किए गए थे. इस पर पीएम मोदी ने थाई सरकार का आभार जताते हुए कहा कि मेरी यात्रा के अवसर पर 18वीं शताब्दी के ‘रामायण’ भित्ति चित्रों पर आधारित डाक टिकट जारी करने के लिए मैं थाईलैंड सरकार का आभारी हूं.
इस दौरान थाईलैंड की प्रधानमंत्री ने “The World Tipitaka-Sajjhaya Phonetic Edition” भेंट किया. इसे हिंदी में “विश्व तिपिटक: सज्जया ध्वन्यात्मक संस्करण” कहा जाता है। तिपिटक को संस्कृत में त्रिपिटक भी कहते हैं. यह भगवान बुद्ध की शिक्षाओं का एक प्रतिष्ठित संकलन है, जिसमें 108 खंड हैं और इसे प्रमुख बौद्ध धर्मग्रंथ माना जाता है. प्रधानमंत्री मोदी को भेंट किया गया यह धार्मिक संस्करण पाली और थाई लिपियों में लिखा गया है. जिसे बहुत ही सावधानीपूर्वक तैयार किया गया है और इसमें नौ मिलियन से अधिक अक्षरों का सटीक उच्चारण समाहित है.
इसका विशेष संस्करण 2016 में थाई सरकार द्वारा राजा भूमिबोल अदुल्यादेज (राम IX) और रानी सिरीकिट के 70 साल के शासनकाल के उपलक्ष्य में विश्व टिपिटका परियोजना के हिस्से के रूप में प्रकाशित किया गया था. पीएम मोदी को त्रिपिटक भेंट करना भारत के आध्यात्मिक नेतृत्व और बौद्ध देशों के साथ उसके स्थायी संबंध का प्रमाण है.
Follow the LALLURAM.COM MP channel on WhatsApp
https://whatsapp.com/channel/0029Va6fzuULSmbeNxuA9j0m
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए करें क्लिक