​पटना। राजधानी के प्रतिष्ठित PMCH (पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल) में मानवता को शर्मसार करने वाली घटना सामने आई है। करीब 25-30 जूनियर डॉक्टरों पर आरोप है कि उन्होंने इलाज के लिए आए मरीज और उनके परिजनों के साथ न केवल बेरहमी से मारपीट की, बल्कि उनसे मोबाइल और कीमती सामान से भरा ट्रॉली बैग भी छीन लिया।

​सीटी स्कैन के विवाद से शुरू हुआ हंगामा

​घटना की शुरुआत 3 मार्च को हुई, जब मधुबनी निवासी राहुल कुमार मिश्रा अपने भाइयों के साथ इलाज के लिए PMCH पहुंचे थे। राहुल पहले से ही एक ट्रेन दुर्घटना में घायल थे। सर्जरी विभाग में डॉक्टरों ने उन्हें बाहर से सीटी स्कैन कराने को कहा। जब राहुल ने इस निर्देश को लिखित में मांगा, तो डॉक्टर और गार्ड उग्र हो गए। बहस गाली-गलौज से शुरू होकर मारपीट तक पहुंच गई।

​मरीन ड्राइव के पास घेरकर पीटा

​पीड़ित परिवार ने बताया कि जब वे जान बचाकर भाग रहे थे, तो मरीन ड्राइव की ओर जाने वाले रास्ते पर गार्ड्स और नशे में धुत करीब 30 जूनियर डॉक्टरों ने उन्हें घेर लिया। तीनों भाइयों को बुरी तरह पीटा गया। इस दौरान उनका मोबाइल और ट्रॉली बैग, जिसमें कीमती सामान था, छीन लिया गया।

​इलाज के लिए दर-दर भटके घायल

​हैरानी की बात यह रही कि मारपीट के बाद घायलों को सरकारी अस्पतालों में इंजरी रिपोर्ट और इलाज के लिए घंटों भटकना पड़ा। गार्डनर अस्पताल और गर्दनीबाग सदर अस्पताल में सहयोग न मिलने पर अंततः उन्हें निजी अस्पताल में शरण लेनी पड़ी।

​पुलिसिया कार्रवाई और सीसीटीवी का इंतजार

​पीरबहोर थाना प्रभारी सज्जाद गद्दी के अनुसार, अज्ञात जूनियर डॉक्टरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज खंगालने की कोशिश में है, जो होली की छुट्टी के कारण फिलहाल उपलब्ध नहीं हो सका है।