पटना। बिहार के सबसे बड़े अस्पताल, पटना मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (PMCH) में अगले सप्ताह से कैंसर मरीजों के लिए समर्पित ऑन्कोलॉजी विभाग विधिवत रूप से शुरू होने जा रहा है। यह कदम राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्था में मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि अब कैंसर की जांच, जटिल सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं मरीजों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी।

​रेफरल के झंझट से मिलेगी मुक्ति

​अब तक संसाधनों की कमी के कारण PMCH आने वाले कैंसर मरीजों को अक्सर AIIMS पटना या IGIMS रेफर कर दिया जाता था। इस प्रक्रिया में न केवल इलाज में देरी होती थी, बल्कि मरीजों की स्थिति बिगड़ने और परिजनों पर आर्थिक बोझ बढ़ने का खतरा भी रहता था। नए विभाग के संचालन से अब मरीजों को दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा।

​विशेषज्ञ डॉक्टरों की अनुभवी टीम

​PMCH के अधीक्षक प्रो. (डॉ.) राजीव कुमार सिंह के अनुसार, विभाग के लिए पांच विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती की गई है। इस टीम में MCH डिग्रीधारी दो सर्जिकल ऑन्कोलॉजिस्ट और एक गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट शामिल हैं। वहीं, मेडिकल और रेडियोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी के लिए DM क्वालिफाइड विशेषज्ञ नियुक्त किए गए हैं, जो सरकारी सेटअप में उच्च स्तरीय चिकित्सा सुनिश्चित करेंगे।

​OPD और ऑपरेशन थिएटर की व्यवस्था

​मरीजों की सुविधा के लिए अब रोजाना ओपीडी का संचालन होगा, जिससे लंबी वेटिंग लिस्ट से राहत मिलेगी। ऑपरेशन के लिए पर्याप्त संख्या में ओटी (OT) आरक्षित किए गए हैं और आपात स्थिति में गंभीर मरीजों के लिए अतिरिक्त ओटी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी।

​कीमोथेरेपी और बेड का विस्तार

​अस्पताल में रेडियोथेरेपी पहले से उपलब्ध थी, लेकिन अब कीमोथेरेपी को भी नियमित और व्यवस्थित कर दिया गया है। पुराने इमरजेंसी वार्ड में 5 बेड और सेंट्रल यूटिलिटी ब्लॉक में 20 बेड की सेवाओं को और सुदृढ़ किया गया है। इसके अलावा, न्यूरोसर्जरी विभाग के विस्तार से अब ब्रेन ट्यूमर जैसे जटिल कैंसर का इलाज भी PMCH में संभव होगा।

​समय और पैसे की बड़ी बचत

​इस पहल का सबसे बड़ा लाभ गरीब और दूर-दराज से आने वाले मरीजों को होगा। एक ही स्थान पर संपूर्ण इलाज मिलने से समय की बचत होगी और निजी अस्पतालों या बाहरी राज्यों में होने वाले भारी-भरकम खर्च से राहत मिलेगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह विभाग बिहार के स्वास्थ्य ढांचे के लिए एक गेमचेंजर साबित होगा।