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राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव स्थगित होने के बाद भी ओबीसी आरक्षण को लेकर राजनीति जारी है। सत्ताधारी बीजेपी और विपक्षी पार्टी कांग्रेस में आरोप-प्रत्यारोप का दौर चल रहा है। इसी कड़ी में भोपाल से बीजेपी के विधायक कृष्णा गौर को नहीं पता कि मध्यप्रदेश में किस वर्ग को कितना आरक्षण मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ओबीसी वर्ग को अभी मिल रहा है 14 % आरक्षण। एसटी वर्ग को 12, एससी वर्ग को 16% जबकि आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10% आरक्षण मिल रहा है।

जबकि हकीकत यह है कि ओबीसी वर्ग के लिए 27% आरक्षण लागू किया गया है। एसटी वर्ग के लिए 20% और एससी को मिल रहा है 16% आरक्षण। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को मिल रहा है 10% आरक्षण। ओबीसी वर्ग का आरक्षण 14% से बढ़ाकर 27% करने का मामला कोर्ट में लंबित है। इसी मामले को लेकर मध्यप्रदेश में पंचायत चुनाव स्थगित हो गया है।

बता दें कि कृष्णा गौर पिछड़ा वर्ग मोर्चा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। उन्होंने आज ही भोपाल के बीजेपी कार्यालय में पिछड़ा वर्ग प्रबुद्धजन संगोष्ठी का आयोजन किया था. जिसमें तमाम पिछड़ा वर्ग के नेता मौजूद रहे. उन्होंने संगोष्ठी में कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा था कि पिछड़ा वर्ग को यह भी बताया जाएगा कि कांग्रेस ने किस तरह से छल और धोखा देने का काम किया है। कांग्रेस ने कभी पिछड़ा वर्ग का विकास नहीं होने दिया।

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उन्होंने कहा था कि पंचायत चुनाव कांग्रेस की वजह से निरस्त हुआ है। कांग्रेस कभी नहीं चाहती थी पंचायत चुनाव ओबीसी आरक्षण के साथ हो। इसलिए कांग्रेस के राज्यसभा सांसद ने कोर्ट में याचिका लगाई और पंचायत चुनाव में व्यवधान पैदा किया। राज्यसभा सांसद विवेक तन्खा याचिकाकर्ता थे जब कोर्ट ने ओबीसी आरक्षण पर फैसला लिया था तो उन्हें बहस करना चाहिए थी। रोटेशन प्रक्रिया सिर्फ एक बहाना थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ओबीसी आरक्षण रुकवाने के लिए कोर्ट गई थी।

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