Contact Information

Four Corners Multimedia Private Limited Mossnet 40, Sector 1, Shankar Nagar, Raipur, Chhattisgarh - 492007

अमृतांशी जोशी,भोपाल। मध्यप्रदेश में नगरीय निकाय में परिवाद पर दोनों राजनीतिक दल बीजेपी कांग्रेस में जुबानी जंग जारी है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष कमलनाथ द्वारा विधायकों के रिपोर्ट कार्ड पर भी बीजेपी ने पलटवार किया है। दोनों दल में आरोप-प्रत्यारोप जारी है।

इसी कड़ी में बीजेपी (BJP) के नए सदस्य के हमले पर कांग्रेस ने पलटवार किया है। मीडिया विभाग अध्यक्ष केके मिश्रा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी अधिनायकवादी नहीं है पूरे देश में और पार्टी में भाईचारे के साथ चलती है। पार्टी उच्च आदर्शों को लेकर आगे बढ़ती है। कहा पार्टी में दो तरह के लोग होते है। एक विचारधारा को समर्पित है और दूसरे सिंधिया टाइप लोग व्यवसाय को समर्पित है। स्वार्थ वाले लोग जब जाते हैं तो हमें उसका कोई अफसोस नहीं है।

इधर दिग्गजों के परिजनों के चुनाव लड़ने पर कांग्रेस ने बीजेपी पर भी हमला बोला है। मीडिया विभाग अध्यक्ष के के मिश्रा ने कहा कि बीजेपी हमेशा से परिवारवाद को लेकर कांग्रेस को कोसती है। औसत हर पांचवें नेता का परिवार का सदस्य यहां चुनाव लड़ रहा है। ये साबित हो रहा है इंटर्नल तौर पर ये परिवारवाद को बढ़ावा दे रहे हैं। जनता ने पहले चरण में अच्छे अच्छे दिग्गजों के परिवार वालों को धूल चटा दी है। दूसरे चरण में भी इनकी यही हालत होने वाली है क्यूंकि ये कहते कुछ और करते कुछ और है। कहा -जनता में ये बात चस्पा हो चुकी है कि ये सब डबल स्टैंडर्ड लाइफ जीते हैं।

इधर कांग्रेस के आरोपों पर बीजेपी (BJP) के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पाराशर ने पलटवार किया है। कहा- कांग्रेस पहले खुद परिवारवाद की भाषा को स्पष्ट करें। पहली बात तो ये चुनाव सिंबल पर थे ही नहीं। इनका पूरा सवाल ही बेतुका है। कांग्रेस अपने देश से लेकर प्रदेश तक की पूरी राजनीति को पहले देख लें। गांधी परिवार के दिमाग से असक्षम बेटे को अध्यक्ष बनाने की बात कर रहे हैं। मध्यप्रदेश में भी कमलनाथ ही रहेंगे, दिग्विजय सिंह ही रहेंगे जयवर्धने ही रहेंगे।कांग्रेसी अपने मुंह से ऐसी बातें न करें तो ही ज्यादा बेहतर रहेगा। वरना हमें भी इनके परिवारों की सूची जारी करने में देर नहीं लगेगी।

इसी तरह बीजेपी प्रदेश महामंत्री भगवानदास सबनानी का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा है कि कमलनाथ को तो सभी चीजों का ऐसे तो ऑडिट करवाना पड़ेगा। नगर निगम और निकाय की हालत देखते हुए इन्हें समझ आ गया है कि विधानसभा चुनाव में इनकी हार तय है। इनके हार का डर ही इनको ऐसे आउट डेट करने पर मजबूर कर रहा है। इन्हें अपने नेताओं पर या किसी पर भी भरोसा ही नहीं है इसलिए ये ऐसी चीजें करते हैं।

Read more- Health Ministry Deploys an Expert Team to Kerala to Take Stock of Zika Virus