कुंदन कुमार, पटना। बिहार में नए मुख्यमंत्री बनने की चर्चा है। जल्द ही नीतीश कुमार मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देंगे। खबर है कि बीजेपी कोटे से मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। वहीं, जदयू के खाते में डिप्टी सीएम का पद आ सकता है। इन सबके बीच आज रविवार (12 अप्रैल) को जदयू कार्यालय के बाहर कार्यकर्ताओं की ओर से एक बार फिर पोस्टर लगाया गया है, जिसमें निशांत कुमार को अगला मुख्यमंत्री बनाने की मांग की गई है।
‘नहीं चाहिए फिर से दंगा-फसाद’
खास बात यह है कि निशांत को सीएम बनाने की मांग के साथ जो पोस्टर में लिखा गया है। उससे साफ है कि जदयू के कार्यकर्ता नहीं चाहते हैं कि सीएम पद बीजेपी के खाते में जाए। पोस्टर में लिखा गया है-“बिहार में ना तो बुलडोजर बवाल चाहिए ना ही फिर से ‘दंगा-फसाद’ चाहिए” इसके अलावा आगे लिखा गया है कि, हे लोकनाथ अब आपके परछाई स्वरूप युवा जनसेवक निशांते कुमार चाहिए। वहीं, अंत में लिखा गया है कि नीतीश जी का मिशन अधूरा निशांत कुमार ही करेंगे पूरा।
निशांत को सीएम बनाने की मांग
जिस तरह का पोस्टर जदयू के कार्यकर्ताओं द्वारा लगातार राजधानी पटना के सड़कों पर जदयू कार्यालय पर लगाया जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि कहीं ना कहीं मुख्यमंत्री पद को लेकर एनडीए में खींचतान अभी भी जारी है। बिहार का मुख्यमंत्री कौन बनेगा? यह कहना उतना आसान नहीं है, जितना एनडीए के नेता बयान बजिया में कर देते हैं। अभी भी जदयू का एक धरा निशांत कुमार को ही मुख्यमंत्री बनाने की मांग लगातार नीतीश कुमार से कर रहा है, जो मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यालय से लेकर उनके कार्यक्रम के दौरान तक देखने को मिल रहा है।
CM पद को लेकर घमासान जारी
ऐसे में कहा जा सकता है कि एनडीए में अभी भी मुख्यमंत्री पद को लेकर घमासान जारी है। अभी भी एनडीए इस निर्णय पर नहीं पहुंचा है कि बिहार का अगला मुख्यमंत्री किसे बनाया जाए? बीजेपी का सीएम बनने की अटकलों से जदयू कार्यकर्ताओं में लगातार नाराजगी देखने को मिल रही है। जदयू के कार्यकर्ता नहीं चाहते हैं कि सत्ता भारतीय जनता पार्टी के हाथों में जाए। क्योंकि पोस्ट में जिस तरह से बुलडोजर और दंगा फसाद की चर्चा की गई है। इसके जरिए कहीं न कहीं जदयू के कार्यकर्ता भारतीय जनता पार्टी पर भी निशाना साधते नजर आ रहे हैं।
सम्राट के निर्देश पर चले थे बुलडोजर!
गौरतलब है कि 2025 के विधानसभा में प्रचंड बहुमत मिलने के बाद नई सरकार का गठन हुआ था। नीतीश कुमार तो फिर से मुख्यमंत्री बने लेकिन गृह विभाग डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी (बीजेपी) के पास चला गया। गृहविभाग की जिम्मेदारी मिलते ही सम्राट चौधरी के निर्देश पर प्रदेभ भर में अतिक्रमण के खिलाफ ताबड़तोड़ बुलडोजर एक्शन देखने को मिला ता, जिसे लेकर उस समय जदयू के भी कुछ नेताओं अपनी नाराजगी जताई थी। वहीं, आज जब नई सरकार का गठन होने की चर्चा है, तो उसी बुलडोजर नीति का हवाला देते हुए जदयू के कार्यकर्ता बीजेपी का सीएम बनाए जाने का विरोध कर रहे हैं।
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