पटना/प्रयागराज/उत्तर प्रदेश। संगम नगरी प्रयागराज के फाफामऊ क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक भीषण हादसा हो गया। यहां स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस का टैंकर फटने से पूरी इमारत ताश के पत्तों की तरह ढह गई। इस हृदयविदारक घटना में अब तक 4 मजदूरों की जान जा चुकी है, जिनमें से तीन मजदूर बिहार के सहरसा जिले के रहने वाले थे। मृतकों में सगे मामा-भांजे भी शामिल हैं, जिससे गांव में मातम पसरा हुआ है।
धमाका ऐसा जैसे फटा हो बम
प्रत्यक्षदर्शियों और वहां काम कर रहे मजदूरों के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे लंच का समय था। कुछ मजदूर खाना खाकर आराम कर रहे थे, तभी अचानक एक कान फाड़ देने वाला धमाका हुआ। चश्मदीदों ने बताया कि आवाज इतनी तेज थी कि ऐसा लगा जैसे कोई बड़ा बम फटा हो। धमाके के साथ ही कोल्ड स्टोरेज की छत और दीवारें भरभराकर गिरने लगीं। धूल के गुबार और चीख-पुकार के बीच करीब 20 मजदूर मलबे के नीचे दब गए।
बिहार के सहरसा में पसरा मातम
हादसे में जान गंवाने वाले चार मजदूरों में से तीन बिहार के सहरसा जिले के सलखुआ प्रखंड (गौरदहा पंचायत) के निवासी थे। मृतकों की पहचान बिलट चौधरी (35), मछिन्द्र सादा (25) और ज्योतिष कुमार (21) के रूप में हुई है। वहीं, एक मृतक स्थानीय प्रयागराज का निवासी बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शी दीपक, जो बिलट चौधरी का बेटा है, ने रोते हुए बताया कि उसके पिता वहीं सो रहे थे जब छत उन पर गिर गई। दीपक खुद दूसरी तरफ होने के कारण बाल-बाल बच गया।
रेस्क्यू ऑपरेशन और कानूनी कार्रवाई
हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अमला मौके पर पहुंचा। एनडीआरएफ और स्थानीय टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। मलबे से निकाले गए 16 घायल
मजदूरों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जिनमें से कुछ की स्थिति गंभीर बनी हुई है। प्रशासन ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई करते हुए सपा नेता और पूर्व मंत्री अंसार अहमद उर्फ पहलवान समेत 12 लोगों के खिलाफ फाफामऊ थाने में मुकदमा दर्ज किया है। जांच जारी है कि क्या कोल्ड स्टोरेज के संचालन में सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई थी।
- छत्तीसगढ़ की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- उत्तर प्रदेश की खबरें पढ़ने यहां क्लिक करें
- लल्लूराम डॉट कॉम की खबरें English में पढ़ने यहां क्लिक करें
- खेल की खबरें पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
- मनोरंजन की बड़ी खबरें पढ़ने के लिए क्लिक करें

