भारत में ईद की तारीख को लेकर स्थिति स्पष्ट हो गई है. 19 मार्च को शव्वाल का चांद नजर नहीं आने के कारण अब देशभर में ईद-उल-फितर 21 मार्च, शनिवार को मनाई जाएगी. इस बार रमजान में पूरे 30 रोज रखे गए हैं. 30वां रोजा 20 मार्च को रखा गया है, यानी इसके अगले दिन ईद मनाई जाएगी. कमेटी की ओर से इसकी आधिकारिक घोषणा की गई है. लोगों से तय तारीख के अनुसार ही त्योहार मनाने की अपील की गई है.

चांद न दिखने से बदली तारीख
भारत में ईद का त्योहार चांद दिखने के आधार पर तय होता है, इसलिए अक्सर इसकी तारीख खाड़ी देशों से एक दिन बाद होती है. इस बार भी 19 मार्च को चांद नजर नहीं आया. जिससे रमजान का एक रोजा और बढ़ गया. अब 20 मार्च को चांद देखने के बाद 21 मार्च को ईद मनाई जाएगी. वहीं सऊदी अरब में 20 मार्च को ही ईद मनाई जा रही है. दिल्ली की जामा मस्जिद के नायब इमाम सैयद उसामा शाबान बुखारी ने भी ऐलान किया कि शव्वाल महीने का चांद नहीं देखा गया है, इसलिए भारत में ईद-उल-फितर 21 मार्च को मनाई जाएगी.
ईद-उल-फितर का इतिहास
ईद-उल-फितर की शुरुआत 624 ईस्वी में पैगंबर हजरत मुहम्मद ने मदीना में की थी. हिजरत के बाद यह दूसरा साल था, जब मुसलमानों ने पहला रमजान पूरा किया. मदीना में लोगों को जश्न मनाते देख उन्होंने मुसलमानों के लिए दो ईद तय कीं—ईद-उल-फितर और ईद-उल-अजहा.
ईद-उल-फितर इस्लाम धर्म का पवित्र और खुशियों से भरा त्योहार है, जो रमजान के पूरे महीने रोजे रखने के बाद मनाया जाता है. यह पर्व शव्वाल महीने का चांद दिखने पर मनाया जाता है. ईद का अर्थ ‘खुशी और उल-फितर का मतलब रोजा खोलना होता है. इस दिन लोग अल्लाह का शुक्र अदा करते हैं कि उन्होंने उन्हें रोजे रखने की ताकत दी.
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