राकेश चतुर्वेदी, भोपाल। मध्य प्रदेश में बढ़ते प्रदूषण पर राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने चिंता जताई है। भोपाल-इंदौर और सिंगरौली समेत 8 शहरों को गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट की श्रेणी में रखा गया है। वहीं इन शहरों में साढ़े छह लाख पेड़ काटने की तैयारी है। करीब दर्जनभर शहरों में 15 लाख पेड़ों पर आरी चलाने की तैयारी है।

एमपी के आठ शहर भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर, उज्जैन, सिंगरौली, सागर और देवास में प्रदूषण का लेवल बढ़ गया है। यहां पीएम-10 का औसत 130-190 और पीएम 2.5 का 80-100 माइक्रोग्राम/घनमीटर है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इन शहरों को ‘नॉन-अटेनमेंट सिटी’ घोषित किया है। अब इन्हीं शहरों में 100 साल पुराने पेड़ भी आरी की जद में है। इन शहरों में प्रोजेक्ट के नाम पर 15 लाख पेड़ कटेंगे।

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सिंगरौली कोल ब्लॉक, 5.70 लाख और काटने की तैयारी

सिंगरौली के धिरौली कोल ब्लॉक के लिए 1397.54 हेक्टेयर वन भूमि आवंटित की गई है। इनमें से 1335.35 हेक्टेयर में घना जंगल है। कोल ब्लॉक हासिल करने वाली कंपनी स्ट्राटेक की ओर से अब तक करीब 35 हजार पेड़ काटे जा चुके हैं। 5 लाख 70 हजार पेड़ और काटे जाने का अनुमान है।

भोपाल अयोध्या बायपास

भोपाल अयोध्या बायपास प्रोजेक्ट में सड़क फोरलेन से अपग्रेड कर 10 लेन बनाई जा रही है। इसके लिए करीब 7871 पेड़ काटे जाने हैं। कोलार बायपास निर्माण का प्रोजेक्ट भी तैयार है। करीब 4100 पेड़ काटे जाएंगे। बंगरसिया से भोजपुर तक फोरलेन सड़क निर्माण के लिए 488 पेड़ काटे गए हैं।

हाईवे निर्माण के लिए काटे जा रहे पेड़

विदिशा-सागर-छतरपुर भोपाल कानपुर हाईवे का निर्माण चल रहा है। 270 एकड़ फॉरेस्ट एरिया पूरी तरह खत्म हो चुका है। 25 हजार से अधिक पेड़ काटे जा चुके हैं।

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इंदौर-उज्जैन

यह रोड 6 लेन हो रहा है। एमपीआरडीसी मौजूदा सड़क के दोनों ओर चौड़ीकरण करेगा। इसके लिए 3 हजार पेड़ कटेंगे। इंदौर के रीगल चौराहे पर मेट्रो स्टेशन के लिए 1240 पेड़ काटने की तैयारी है।

ग्वालियर

ग्वालियर के थाटीपुर रीडेंसिफिकेशन योजना में 3 हजार से अधिक पुराने पेड़ काटे जा चुके हैं। 6700 पेड़ पीडब्ल्यूडी, एमपीआरडीसी और एनएचआई के छोटे प्रोजेक्ट में मिलाकर काटे जाएंगे।

मंडला

मंडला में बसनिया डेम प्रोजेक्ट में पॉवर प्लांट और नहरों का निर्माण होना है। 2107 हेक्टेयर में वन प्रभावित होंगे। यहां करीब 5 लाख पेड़ कटने का अनुमान है।

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डिंडोरी

डिंडोरी में नर्मदा पर राघवपुर बांध प्रोजेक्ट और पॉवर प्लांट बनना है। इससें 12.09 हेक्टेयर वन भूमि के करीब 40 हजार पेड़ कटेंगे।

महू-खंडवा

महू-खंडवा रेलवे लाइन का गेज परिवर्तित कर ब्राड गेज लाइन बनाई जाना प्रस्तावित है। इसकी जद में करीब 1 लाख 25 हजार पेड़ आएंगे।

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