बाजार में बहुत अच्छे लाल मिर्च आ रहे हैं, जिसका बहुत ही स्वादिष्ट भरवा अचार बनता है। मिर्च का ये तीखा चटपटा अचार सभी को पसंद आता है, जिसे चावल- पराठे के साथ खायें तो बहुत ही मजा आता है। इस अचार को अगर सही तरीके और सब्र से बनाया जाए तो वह सालों तक अपनी ताजगी और स्वाद को बरकरार रखता है। तो लाल मिर्च के अचार को बनाकर सालभर सुरक्षित रखने के लिए आज हम आपको कुछ जरूरी टिप्स बताएंगे। आइए जानते हैं विस्तार से।

मिर्च का सही चुनाव
मोटी, ताजी और कम बीज वाली लाल मिर्च लें—भरावन के लिए यही बेस्ट रहती हैं। डंठल हरा हो और मिर्च दबाने पर कड़क लगे, समझिए एकदम सही मिर्ची है।
धूप है असली जादू
मिर्च धोने के बाद पूरी तरह सुखाना सबसे ज़रूरी नियम है।2–3 दिन की गुनगुनी धूप—नमी बिल्कुल नहीं बचनी चाहिए, वरना अचार जल्दी खराब होता है।
मसाले का बनारसी संतुलन
मोटी पिसी सौंफ + पीली सरसों (राई) + मेथी—यही त्रिदेव हैं।स्वाद के लिए थोड़ा कलौंजी और अजवाइन डाल दें, खुशबू गजब की आती है।नमक हमेशा नापकर, और लाल मिर्च का पाउडर बहुत कम—आख़िर मिर्च खुद ही हीरो है।
सरसों का तेल = आत्मा
सरसों का तेल धुआँ उठने तक गर्म करके ठंडा करें, तभी कच्चापन जाता है।ठंडा होने पर ही मसाले में मिलाएं—यही अचार को सालों साल ज़िंदा रखता है।
भरने में सब्र
मिर्च में मसाला ठसाठस लेकिन प्यार से भरें—फटना नहीं चाहिए।ऊपर से थोड़ा तेल जरूर डालें, ताकि हवा का रास्ता बंद रहे।
बर्नी के नियम
कांच या चीनी मिट्टी की बिल्कुल सूखी बर्नी लें।अचार डालने के बाद 4–5 दिन धूप दिखाएं, रोज़ हल्का हिला दें।हमेशा सूखी चम्मच ही इस्तेमाल करें।
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