अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप दर्जनों बार भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का क्रेटिड खुद को दे चुके हैं। हालांकि, भारत ने लगातार कहा है कि सीजफायर में किसी तीसरे देश की कोई भूमिका नहीं है और इसकी मांग पाकिस्तान ने की थी। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर यह दावा किया है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच हुए सैन्य टकराव को रुकवाने में अहम भूमिका निभाई और इससे लाखों लोगों की जान बची. उन्होंने यह बात फ्लोरिडा में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही. ट्रंप ने कहा कि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने उनसे कहा कि डोनाल्ड ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाकर कम से कम एक करोड़ लोगों की जान बचाई.
शुक्रवार को फ्लोरिडा में बोलते हुए ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने एक साल से भी कम समय में कई शांति समझौते कराए हैं. उन्होंने दावा किया कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष रुकवाने का श्रेय उन्हें दिया है.
भारत और पाकिस्तान के बीच मई में चार दिनों तक सैन्य टकराव के बाद से ट्रंप कई बार इस दावे को दोहरा चुके हैं। ट्रंप का कहना है कि उनके डिप्लोमैटिक दबाव के चलते नई दिल्ली और इस्लामाबाद के बीच तनाव रुका। वहीं नई दिल्ली ने भारत और पाकिस्तान में तनाव कम करने में किसी तीसरे पक्ष की मध्यस्थता के दावों को लगातार खारिज किया है। भारत ने कई बार कहा है कि सैन्य टकराव रोकने का फैसला दोनों देशों की सेनाओं के डीजीएमओ के बीच बातचीत के बाद लिया गया था और इसमें तीसरे पक्ष की कोई भूमिका नहीं है।
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने में मदद की. उनके अनुसार, दोनों देशों के बीच लड़ाई रुकवाना एक बड़ी उपलब्धि थी. ट्रंप यह दावा कई बार कर चुके हैं. पिछले साल 10 मई से अब तक वह करीब 80 बार यह कह चुके हैं कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच सैन्य टकराव रुकवाया.
ट्रंप ने पहली बार 10 मार्च को सोशल मीडिया पर कहा था कि अमेरिका की मध्यस्थता में हुई रातभर की बातचीत के बाद भारत और पाकिस्तान संघर्ष रोकने पर सहमत हुए. भारत सरकार लगातार यह कहती रही है कि भारत-पाकिस्तान के बीच किसी भी मुद्दे पर किसी तीसरे देश की मध्यस्थता स्वीकार नहीं की जाती. भारत ने ट्रंप के दावों को पहले भी खारिज किया है.
पिछले साल 22 अप्रैल को पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों के मारे जाने के बाद भारत ने 7 मई को पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया था। भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम हमले के जिम्मेदारों को सजा देने के लिए पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (POK) में मौजूद आतंकी ठिकानों पर सटीक हमले किए थे। इनमें बहावलपुर और मुरीदके में स्थित जैश-ए-मोहम्मद और लश्कर-ए-तैयबा के बड़े अड्डे भी शामिल थे।
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