राजधानी दिल्ली में प्रदूषण नियंत्रण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता(Rekha Gupta) ने सचिवालय में ईवी निर्माताओं, कैब संचालक कंपनियों और एग्रीगेटर कंपनियों के साथ बैठक की। बैठक में निजी इलेक्ट्रिक वाहनों को शेयर टैक्सी के रूप में चलाने पर सहमति बनी। इसके अलावा, हवाई अड्डा और रिंग रोड के लिए शटल सेवाओं की संभावनाओं पर भी विचार किया गया। मुख्यमंत्री ने कंपनियों को भरोसा दिलाया कि योजना को मूर्तरूप देने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा, और साथ ही कंपनियों की समस्याओं का निपटारा करने के लिए एक प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा।

प्रदूषण से निपटने को सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी लाने का प्रयास

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि सड़कों पर वाहनों की संख्या में कमी लाकर ही दिल्ली में प्रदूषण पर प्रभावी और स्थायी नियंत्रण संभव है। उन्होंने कहा कि परिवहन से जुड़ी कंपनियों को सरकार के इस मिशन में साथ देना होगा, तभी राजधानी का विकास और प्रदूषण नियंत्रण संभव है। बैठक में कंपनियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि प्रदूषण पर पूरी तरह नियंत्रण पाने के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का पूर्ण संचालन और जन उपयोगी ईवी पॉलिसी आवश्यक है। उन्होंने यह भी कहा कि राजधानी में अपने इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, चार्जिंग स्टेशन खोलने और संचालन बढ़ाने के लिए कुछ राहत की उम्मीद है। कंपनियों के अनुसार, इन उपायों से ईवी के संचालन में तेजी आएगी।

मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि योजना को मूर्तरूप देने के लिए नियमों में बदलाव किया जाएगा, साथ ही कंपनियों की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी तंत्र विकसित किया जाएगा। यह पहल दिल्ली में स्वच्छ वायु और टिकाऊ परिवहन विकल्पों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जमीन देने को तैयार

इस पर मुख्यमंत्री ने कंपनियों को भरोसा दिया कि सरकार चार्जिंग स्टेशन लगाने के लिए जमीन देने को तैयार है, लेकिन कंपनियों को सोलर एनर्जी के द्वारा वाहनों को चार्ज करने की संभावना भी तलाशनी होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वाहनों के बैटरी वेस्ट से निपटना कंपनियों की जिम्मेदारी होगी, ताकि प्रदूषण का दूसरा द्वार न खुले।

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