मारूति ने आखिरकार बंद किया इस सदाबहार कार का निर्माण, सालों तक रही लोगों की पसंदीदा कार

दिल्ली. मारुति ने अपनी सबसे पुरानी कारों में से एक जिप्सी को बंद कर दिया है। करीब तीन दशक से भी ज्यादा पुरानी यह कार लोगों के बीच काफी लोकप्रिय रही है। ऑफ रोडिंग के शौकीनों की यह पसंदीदा कार है। भारतीय सेना ने भी काफी समय तक जिप्सी को अपने आधिकारिक वाहन के रूप में इस्तेमाल किया है। वर्तमान में टाटा जीएस800 भारतीय सेना की आधिकारिक कार है। इस कार को सफारी एसयूवी पर बनाया गया है।

जिप्सी को आज से 34 साल पहले 1985 में लॉन्च किया गया था। समय-समय पर इसमें काफी सारे बदलाव किए जाते रहे हैं। जिप्सी का भारतीय मॉडल अंतरराष्ट्रीय बाजार में उपलब्ध जिम्नी से काफी मेल खाता है। इसे देखकर ऐसा लगता है कि जिम्नी को खींचकर लंबा कर दिया गया हो। मारुति ने जल्द लागू होने जा रहे सुरक्षा और बीएस6 मापदंडो के कारण जिप्सी को अपडेट नहीं करने का फैसला लिया है।

जिप्सी में 1.3 लीटर पेट्रोल इंजन लगा है, जो 81 पीएस पावर और 103 एनएम टॉर्क जनरेट करने में सक्षम है। इसमें में 5-स्पीड गियरबॉक्स दिया गया है।

काफी पुरानी कार होने के कारण जिप्सी में ज्यादा सेफ्टी फीचर नहीं दिए गए थे। इसमें एयरबैग और एंटी-लॉक ब्रेकिंग सिस्टम जैसे फीचर तीन दशक बीत जाने के बावजूद पेश नहीं किए गए। जिप्सी की कीमत 6.22 लाख से 6.40 लाख रुपये (एक्स-शोरूम दिल्ली) के बीच रखी गई थी।

सुजुकी ने 2018 में चौथी जनरेशन जिम्नी को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेश किया था। फिलहाल कंपनी का इस कार को भारत में पेश किए जाने का कोई इरादा नहीं है। मारुति के बेड़े में क्रॉसओवर कारों के नाम पर केवल अब विटारा ब्रेजा और एस-क्रॉस ही उपलब्ध है

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