मुजफ्फरपुर। समाहरणालय परिषद परिसर में मनरेगा मजदूरों का अनिश्चितकालीन धरना चौथे दिन भी जारी रहा। मनरेगा वॉच के बैनर तले चल रहा यह आंदोलन अब व्यापक जनआंदोलन का रूप ले रहा है। मड़वन, कांटी, मोतीपुर, साहेबगंज, बोचहां, कटरा और सरैया सहित विभिन्न प्रखंडों से आए मजदूर सरकार की नीतियों के खिलाफ लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी
धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिला मजदूर शामिल रहीं। उन्होंने चूल्हा-चौका लाकर प्रतीकात्मक विरोध जताया, यह संदेश देते हुए कि काम बंद होने से गरीब परिवारों के घरों में चूल्हा तक जलाना मुश्किल हो गया है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि मनरेगा ग्रामीण मजदूरों की जीवनरेखा है और इसे कमजोर करना गरीब-विरोधी कदम है।
नए VB GRAM G बिल से रोजगार व्यवस्था ठप
मनरेगा वॉच के जिला संयोजक संजय सहनी ने आरोप लगाया कि मनरेगा के स्थान पर लागू VB GRAM G बिल ने ग्रामीण रोजगार व्यवस्था लगभग ठप कर दी है। उन्होंने कहा कि कानून में छह माह तक काम की गारंटी का जिक्र होने के बावजूद, बिल पास होते ही जिला और प्रखंड कार्यालयों में कार्य रोक दिए गए।
गरीबों पर सीधा असर
मजदूरों ने बताया कि काम न मिलने और मजदूरी का भुगतान समय पर न होने से भूमिहीन और गरीब परिवारों पर सीधा असर पड़ा है। कई लोग पलायन के लिए मजबूर हो रहे हैं। बबीता कुमारी, मुन्नी कुमारी, मानदेशरी देवी, मदीना बेगम, रिंकू देवी, विभा देवी और विकास कुमार सहित कई वक्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक कार्य शुरू नहीं होते और बिल वापस नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
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