नितिन नामदेव, रायपुर। राजधानी रायपुर में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों को स्कूलों में प्रवेश नहीं दिए जाने के मुद्दे पर आज कांग्रेस ने बड़ा प्रदर्शन किया। शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष श्रीकुमार मेनन के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) कार्यालय का घेराव किया।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि निजी स्कूल प्रबंधन RTE के तहत पात्र बच्चों को एडमिशन देने से इंकार कर रहे हैं, जिससे गरीब वर्ग के बच्चों का शिक्षा का अधिकार प्रभावित हो रहा है। कांग्रेस ने मांग उठाई कि पहले RTE के तहत नर्सरी से लेकर 12वीं तक प्रवेश दिया जाता था, लेकिन अब इसे कक्षा 1 से 12वीं तक सीमित कर दिया गया है। इस बदलाव से छोटे बच्चों को शुरुआती शिक्षा से वंचित होना पड़ रहा है।


कांग्रेस ने उठाई ये मांगें
प्रदर्शनकारियों ने सरकार से मांग की है कि RTE के तहत नर्सरी से एडमिशन की व्यवस्था फिर से शुरू की जाए। सभी निजी स्कूलों में गरीब बच्चों को अनिवार्य रूप से प्रवेश दिया जाए। नियमों का पालन नहीं करने वाले स्कूलों पर सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस ने इसे शिक्षा के अधिकार से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताते हुए कहा है कि अगर जल्द ही इस पर ठोस कदम नहीं उठाया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
शिक्षा व्यवस्था को ख़त्म कर रही सरकार : PCC चीफ
RTE को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा, सरकार की नाकामियों की वजह से नर्सरी में बच्चों के एडमिशन का सिस्टम खत्म हुआ। गरीब के बच्चे अब शिक्षा नहीं ले पाएंगे। इसके लिए सरकार जिम्मेदार है। गरीब बच्चों को नर्सरी से शिक्षा मिलनी चाहिए। यह सरकार शिक्षा व्यवस्था को ख़त्म कर रही है। हम मांग करते हैं कि गरीब बच्चों को नर्सरी से एडमिशन मिलना चाहिए।

