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रायपुर. प्रदेश में पीएससी का मामला गरमाया हुआ है. कांग्रेस ने राजीव भवन में प्रेसवार्ता कहा, 5 दिनों से प्रदेश के वातावरण को खराब करने की कोशिश विपक्षी दल भाजपा ने की. सीजीपीएससी के परीक्षा परिणाम आए हैं, इस पर भाजपा राजनीति कर रहे हैं. हम इसकी निंदा करते हैं.
कांग्रेस संचार प्रमुख सुशील आनंद शुक्ला ने कहा, भाजपा काल में रमन सिंह सरकार के चयन सूची में सवाल खड़े हुए हैं. इसमें नेताओं, व्यवसायी और अधिकारी के बच्चे चयनित हुए हैं. भाजपा ने बयानबाजी के अलावा कोई जवाब प्रस्तुत नहीं किया. लोक सेवा आयोग के विश्वसनीयता पर सवाल खड़ा करने का काम भाजपा ने किया है. बच्चों ने प्रतिभा के आधार पर इस मुकाम को हासिल किया है.
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सुशील आनंद ने कहा, कुछ साल पहले मां-बेटे का भी चयन जांजगीर चांपा में हुआ था. हम चयनित अभ्यर्थियों के ऊपर किसी प्रकार का सवाल खड़ा नहीं कर रहे हैं. सुमित अग्रवाल 2008 के बेच में डिप्टी कलेक्टर के पद पर चयनित हुए हैं. समीर मिश्रा, हरसित मिश्रा, दोनो आबकारी विभाग में चयनित हुए थे. 2008 में देवचरण पटेल और दुर्गा चरण पटेल चयन हुए थे. सिवानी जायसवाल और दीपा जायसवाल दोनों 2008 में चयन हुए थे.
सुशील आनंद ने कहा, पुष्पेंद्र नायक 2011, रूपा सिंह 2012, मनीष साहू और कल्पना साहू दोनों भाई बहन का चयन पीएससी में हुआ था. किसी नेता का रिश्तेदार होना, अधिकार का रिश्तेदार होना, आधिकारिक श्रेणी में नहीं आता. भाजपा दिवालिएपन की स्थिति से जूझ रही है इसलिए ऐसे आरोप लगा रही है. लोक सेवा आयोग को बदनाम करने की साजिश है. बच्चों के भविष्य पर सवाल खड़ा ना करे. रमन सिंह अपनी राजनीति करने के लिए बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ न करे.
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