चंडीगढ़। पंजाब की राजनीति में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा का बैंड-बाजा वाला बयान तूल पकड़ता जा रहा है। इस बयान के विरोध में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने शनिवार को पूरे प्रदेश में कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। AAP कार्यकर्ताओं ने ईंट का जवाब पत्थर से देने की बजाय बैंड से देते हुए कांग्रेस नेताओं के घरों और दफ्तरों का घेराव किया और वहां जोर-शोर से बैंड-बाजा बजाकर अनोखा प्रदर्शन किया।


दरअसल, प्रताप सिंह बाजवा ने हाल ही में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ को लेकर एक टिप्पणी की थी, जिसमें उन्होंने कथित तौर पर उनके पुराने पेशे (बैंड बजाने) का जिक्र किया था। आम आदमी पार्टी ने इसे मंत्री के साथ-साथ पूरे दलित समाज का अपमान करार दिया है। इसी के विरोध में शनिवार को अमृतसर, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब समेत राज्य के कई जिलों में AAP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस दफ्तरों के बाहर प्रदर्शन किया।

दलित विरोधी मानसिकता का आरोप

प्रदर्शन के दौरान AAP नेताओं ने कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रताप सिंह बाजवा और प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पर तीखा हमला बोला। फतेहगढ़ साहिब में प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे विधायक लखबीर सिंह राय और जिला अध्यक्ष अजय सिंह ने कहा कि आजादी के 77 साल बाद भी कांग्रेस नेताओं की सामंतवादी सोच नहीं बदली है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेताओं ने एक व्यक्ति विशेष पर टिप्पणी नहीं की, बल्कि पूरे दलित भाईचारे का अपमान किया है।

2027 में जवाब देगा समाज

विधायक राय ने कहा कि दलित समाज अब पूरी तरह जागरूक हो चुका है। कांग्रेस नेताओं की ऐसी टिप्पणियों का जवाब समाज 2027 के विधानसभा चुनावों में देगा। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि उनका यह विरोध प्रदर्शन केवल सांकेतिक नहीं है, बल्कि यह कांग्रेस की दलित विरोधी मानसिकता के खिलाफ एक शंखनाद है।

माफी की मांग पर अड़ी AAP

पूरे प्रदेश में हुए इन प्रदर्शनों में एक ही सुर गूंजा- सार्वजनिक माफी। AAP ने मांग की है कि प्रताप सिंह बाजवा और राजा वड़िंग अपने बयानों के लिए तुरंत सार्वजनिक तौर पर माफी मांगें। पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि कांग्रेस नेताओं ने अपने शब्द वापस नहीं लिए, तो आने वाले दिनों में यह संघर्ष और तेज किया जाएगा।