Punjab Cabinet Meeting : पंजाब सरकार ने सोमवार को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लैंड पूलिंग नीति को मंजूरी दे दी। यह बैठक मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर आयोजित की गई थी। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस नीति के तहत किसी भी किसान से उसकी जमीन जबरन नहीं ली जाएगी, और किसान स्वयं डेवलपर की भूमिका निभा सकते हैं।
पंजाब सरकार का दावा है कि यह नई लैंड पूलिंग नीति किसानों के लिए एक क्रांतिकारी बदलाव लाएगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में तैयार इस नीति का उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त करना, उनकी जमीन की सुरक्षा सुनिश्चित करना और इसके बेहतर उपयोग को बढ़ावा देना है।

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने बैठक के बाद नीति की प्रमुख विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह नीति पूरी तरह स्वैच्छिक है, यानी यह तभी लागू होगी जब किसान अपनी सहमति से जमीन देना चाहें। किसी भी किसान पर जमीन देने के लिए दबाव नहीं डाला जाएगा। जमीन देने के लिए किसान को पहले लिखित सहमति (NOC) देनी होगी। बिना सहमति के न तो कोई योजना लागू होगी और न ही कोई निर्माण कार्य शुरू होगा।
पहले चरण में 27 शहरों में लागू होगी नीति
मंत्री अमन अरोड़ा ने बताया कि इस नीति के तहत किसान अपनी जमीन स्वयं, किसी बिल्डर को, या सरकार को दे सकते हैं। पहले चरण में पंजाब के 27 शहरों में यह नीति लागू की जाएगी।
किसानों को मिलेगा लाभ
पंजाब सरकार का कहना है कि यह नीति राज्य के कृषि क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगी। भगवंत मान सरकार का दावा है कि लैंड पूलिंग नीति से किसानों को सीधा लाभ होगा, उन्हें भू-माफिया से मुक्ति मिलेगी और अपनी जमीन पर पूर्ण अधिकार प्राप्त होगा। विपक्ष द्वारा नीति पर उठाए जा रहे सवालों के बीच सरकार ने इस मंजूरी के साथ स्पष्ट जवाब दिया है।
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