पंजाब, हरियाणा सहित दिल्ली-एनसीआर से सटे राज्यों में पराली जलने की घटनाएं सामने आने के बाद केंद्र ने उन सभी राज्यों को सतर्क किया है, जहां हर साल पराली जलने की घटनाएं बहुतायत में देखने को मिलती है। इनमें पंजाब, हरियाणा, दिल्ली के साथ उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश व राजस्थान शामिल है।

केंद्र ने इन राज्यों से पराली जलने की घटनाओं पर निगरानी बढ़ाने और ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने के निर्देश दिए है। वन एवं पर्यावरण मंत्रालय ने राज्यों को यह निर्देश तब दिया है, जब हर साल इन राज्यों में पराली जलाए जाने से दिल्ली- एनसीआर में अचानक से प्रदूषण का स्तर बढ़ जाता है। जिसकी हिस्सेदारी एक समय में कुल प्रदूषण में करीब तीस प्रतिशत तक की हो जाती है।
केंद्र सरकार का इन राज्यों पर फोकस
मंत्रालय का इन राज्यों पर फोकस इसलिए भी है क्योंकि पिछले साल पराली जलाने की सर्वाधिक घटनाएं इन्हीं राज्यों में रिपोर्ट हुई थी। पिछले साल 15 सिंतबर से 30 नवंबर तक पंजाब में पराली जाने की 10900 घटनाएं हुई थी, जबकि हरियाणा में 1406, मध्य प्रदेश में 16360, उत्तर प्रदेश में 6142, दिल्ली में 12 और राजस्थान में 2713 घटनाएं रिपोर्ट हुई थी।
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