पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके अधिकारियों को अभी तक केंद्र सरकार की तरफ से नीदरलैंड व चेक गणराज्य के दौरे के लिए इजाजत नहीं मिली है. विदेश मंत्रालय ने अभी तक यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी नहीं दी है. कुछ घंटे बाद ही फ्लाइट है और इजाजत नहीं मिलने के चलते मुख्यमंत्री भगवंत मान अभी चंडीगढ़ में ही इंतजार कर रहे हैं.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यात्रा आज से शुरू होनी थी, लेकिन केंद्र से अनिवार्य मंजूरी न मिलने के कारण मुख्यमंत्री की विदेश यात्रा पर जाने की संभावना पर संदेह पैदा हो गया है. विदेश मंत्रालय से राजनीतिक मंजूरी प्राप्त करना मुख्यमंत्रियों के लिए आधिकारिक तौर पर विदेश यात्रा करने की एक अनिवार्य शर्त है.

पहले भी नहीं मिली अनुमति

यह पहली बार नहीं है जब मान की विदेश यात्रा योजनाओं में बाधा आई है. इस साल जनवरी में, विदेश मंत्रालय ने पंजाब के मुख्यमंत्री की यूनाइटेड किंगडम और इजरायल की प्रस्तावित यात्रा के लिए राजनीतिक मंजूरी देने से इनकार कर दिया था. इस फैसले ने राजनीतिक हलचल मचा दी थी, खासकर इसलिए क्योंकि इस यात्रा में शासन, निवेश और प्रवासी भारतीयों से संपर्क से संबंधित बातचीत शामिल होने की उम्मीद थी.

पंजाब-केंद्र में तनाव?

खास बात यह है कि मान ने उस समय केंद्र के इनकार पर सार्वजनिक रूप से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी थी. पंजाब सरकार ने भी इस फैसले पर कोई औपचारिक बयान जारी करने से परहेज किया और इस मामले पर चुप्पी साधे रखी.अब फिर एक बार यात्रा की अनुमति नहीं मिलने से आम आदमी पार्टी के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार और केंद्र के बीच चल रहे तनाव को उजागर कर दिया है. विदेश मंत्रालय ने मंजूरी रोकने के कारणों का आधिकारिक तौर पर खुलासा नहीं किया है, लेकिन ऐसे निर्णय आमतौर पर राजनयिक विचारों, समय-निर्धारण की प्राथमिकताओं या प्रोटोकॉल संबंधी मुद्दों से प्रभावित होते हैं.

क्यों जा रहे नीदरलैंड

राज्य सरकार के सूत्रों के अनुसार, मान की नीदरलैंड और चेक गणराज्य की यात्रा की तैयारियां निवेश आकर्षित करने, कृषि, उद्योग और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं को तलाशने के उद्देश्य से थीं. हालांकि, राजनीतिक मंजूरी के बिना यह यात्रा आगे नहीं बढ़ सकती. अभी तक मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से इस बारे में कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है कि यात्रा स्थगित की जाएगी या पूरी तरह रद्द कर दी जाएगी.