अमृतसर. पंजाब सरकार महिलाओं की सुरक्षा को लेकर एक नया प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है, जिसका नाम “हिफाज़त” रखा गया है। इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य महिलाओं के खिलाफ होने वाली हिंसा के मामलों में त्वरित सहायता प्रदान करना है। आज चंडीगढ़ में कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर इस पहल की औपचारिक शुरुआत की।
वन-स्टॉप सेंटर और सखी वेब पोर्टल निभाएंगे अहम भूमिका
इस योजना के तहत पहले से संचालित वन-स्टॉप सेंटर सहायता प्रदान करेंगे, जबकि सखी वेब पोर्टल के माध्यम से बचाव कार्यों की निगरानी की जाएगी। किसी भी संकट की स्थिति में महिलाएं 181 हेल्पलाइन पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकती हैं, जिसके बाद उन्हें तुरंत आवश्यक सहायता दी जाएगी।
10 मिनट में मदद मिलने का दावा
इस परियोजना के तहत दावा किया गया है कि किसी भी पीड़ित महिला को 10 मिनट के भीतर मदद पहुंचाई जाएगी। यदि पंजाब में किसी भी स्थान पर किसी महिला के साथ हिंसा होती है, तो वह तुरंत 181 नंबर पर कॉल करके सूचना दे सकती है। यह प्रोजेक्ट देश में अपनी तरह का पहला प्रयास बताया जा रहा है। इसके तहत समाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास विभाग को महिलाओं की समस्याओं के समाधान की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए विभागीय सुरक्षा अधिकारियों को परिवहन सुविधा भी दी जाएगी, ताकि वे प्रभावित महिलाओं तक जल्द से जल्द पहुंच सकें।

4,000 से अधिक महिलाओं के खिलाफ हिंसा के मामले दर्ज
पंजाब में 2024 में महिलाओं के खिलाफ हिंसा के 4,309 मामले दर्ज किए गए। इनमें से अधिकांश घटनाएं सीमावर्ती इलाकों में सामने आई हैं। ये आंकड़े केवल वन-स्टॉप सेंटरों के हैं, जबकि कई महिलाएं हिंसा के खिलाफ आवाज़ उठाने से हिचकिचाती हैं या उन्हें यह जानकारी ही नहीं होती कि शिकायत कहां करनी है। ऐसे में यह प्रोजेक्ट महिलाओं को जागरूक करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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