चंडीगढ़. पंजाब सरकार ने भाखड़ा ब्यास मैनेजमेंट बोर्ड (BBMB) के डैमों पर केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) की तैनाती के प्रस्ताव का कड़ा विरोध किया है। पंजाब के जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल ने विधानसभा में इस मुद्दे पर एक प्रस्ताव पेश करते हुए केंद्र सरकार पर डैमों पर कब्जा करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह कदम पंजाब के पानी और संसाधनों को लूटने की साजिश का हिस्सा है।
“CISF तैनाती डैमों पर कब्जे की साजिश”
मंत्री गोयल ने विधानसभा में कहा, “यह सिर्फ CISF तैनाती की बात नहीं, बल्कि हमारे डैमों पर कब्जे की साजिश है। केंद्र सरकार हरियाणा की सहमति से पंजाब के पानी को लूटने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में हमने अपने पानी की रक्षा की है, लेकिन अब केंद्र CISF के जरिए डैमों पर नियंत्रण चाहता है।”
गोयल ने कहा कि पंजाब पुलिस स्थानीय परिस्थितियों से अच्छी तरह वाकिफ है और पिछले कई वर्षों से डैमों की सुरक्षा कर रही है। उन्होंने बताया कि पंजाब पुलिस आधुनिक तकनीकों का उपयोग करती है और सीमावर्ती क्षेत्रों की सुरक्षा का लंबा अनुभव रखती है। गोयल ने जोर देकर कहा, “पंजाब पुलिस किसी भी तरह की सुरक्षा के लिए पूरी तरह सक्षम है।” उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि CISF की तैनाती से पंजाब सरकार पर 49.32 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय बोझ पड़ेगा, जिसे वहन करने से पंजाब सरकार ने इनकार कर दिया। गोयल ने कहा, “अगर केंद्र फिर भी CISF तैनात करता है, तो इसका खर्च पंजाब सरकार नहीं उठाएगी।

मंत्री ने BBMB के सभी प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा के लिए पंजाब पुलिस को सक्षम बताते हुए केंद्र के प्रस्ताव को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, “पिछले 70 सालों से पंजाब पुलिस इन प्रोजेक्ट्स की सुरक्षा कर रही है। CISF की तैनाती की कोई जरूरत नहीं है।”
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