पंजाब। पंजाब सरकार ने नए साल के दूसरे दिन ही राज्यवासियों को नए साल का तोहफा दिया है। सरकार ने राज्य के 65 लाख परिवारों को 10 लाख रुपए का कैशलेस इलाज उपलब्ध करवाने की घोषणा कर दी है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने घोषणा करते हुए बताया कि 15 जनवरी 2026 से कैशलेस इलाज उपलब्ध होगा। यह योजना राज्य के करीब 3 करोड़ निवासियों को कवर करेगी और देश का पहला ऐसा व्यापक स्वास्थ्य कार्यक्रम बनेगी।

पंजाब सरकार ने यूनाइटिड इंडिया इंश्योरेंस के साथ सरकार ने एमओयू साइन किया है। यह योजना पंजाब के सभी सरकारी और 800 से अधिक सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में लागू होगी, जहां 2,000 से अधिक बीमारियों, सर्जरी और प्रक्रियाओं का मुफ्त कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले सरबत सेहत बीमा योजना में प्रति परिवार 5 लाख रुपये की सीमा थी, लेकिन अब इसे दोगुना कर 10 लाख किया गया है। आय सीमा या वर्ग की कोई पाबंदी नहीं है, सरकारी कर्मचारी, पेंशनभोगी सब लाभान्वित होंगे। 

मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा है कि 1 लाख रुपए तक का इलाज इंश्योरेंस कंपनी से होगा। बाकी 9 लाख का खर्च स्टेट हेल्थ एजेंसी करेंगे। अस्पतालों को भी समय पर पेमेंट होगी। 15 दिनों से 1 महीने के बीच भुगतान अस्पतालों को मिल जाएगा। खास बात है कि इस स्कीम में चंडीगढ़ को भी जोड़ा जा रहा है। मंत्री डॉ. बलबीर का कहना है कि चंडीगढ़ भी पंजाब का हिस्सा है और उन्हें भी ये लाभ मिलेगा। 

9000 कैंप लगाएगी सरकार

सरकार की तरफ से पंजीकरण की प्रक्रिया को नवंबर से शुरू कर दिया गया था। तरनतारन व बरनाला में पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर शुरू किया गया, जो सफल रहा।  लाभ लेने के लिए केवल आधार कार्ड या वोटर आईडी से स्वास्थ्य कार्ड बनवाना होगा, जो सेवा केंद्रों (सेवा केंद्र), कॉमन सर्विस सेंटर्स (सीएससी) या ऑनलाइन उपलब्ध होगा। सरकार लोगों तक ये स्कीम पहुंचाने के लिए 9 हजार कैंप लगाएगी। सेेहत मंत्री ने कहा है कि कार्ड बनकर आने में 15 दिन का समय लग जाता है और अगले 3 से 4 महीनों में पूरे पंजाब में रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया पूरी हो जाएगी। 

जानें इस स्कीम के लाभ

  • पूर्ण कवरेज: कैंसर, किडनी ट्रांसप्लांट, आईसीयू, दुर्घटना सर्जरी सब शामिल।
  • यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस के साथ एमओयू साइन किया गया है।
  • पेपरलेस-पैसलेस: इलाज का पूरा खर्च सरकार वहन करेगी, संपत्ति बेचने की मजबूरी खत्म।