अमृतसर: पंजाब में एक संवेदनशील मामले ने सियासी हलचल तेज कर दी है। पंजाब वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के जिला प्रबंधक गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के बाद राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए ट्रांसपोर्ट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर का इस्तीफा ले लिया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने स्पष्ट किया कि यह फैसला निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है, ताकि मामले की जांच किसी भी तरह प्रभावित न हो।

वीडियो में मंत्री पर लगाए गंभीर आरोप

बताया जा रहा है कि गगनदीप सिंह रंधावा ने आत्महत्या से पहले एक वीडियो रिकॉर्ड किया था, जिसमें उन्होंने अपनी मौत के लिए सीधे तौर पर लालजीत सिंह भुल्लर को जिम्मेदार ठहराया। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया।

सीएम का बयान: निष्पक्ष जांच होगी

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि भुल्लर से इस्तीफा इसलिए लिया गया है ताकि वे जांच प्रक्रिया को प्रभावित न कर सकें। साथ ही मुख्य सचिव को पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

ठेका देने को लेकर दबाव का आरोप

मामले में यह भी आरोप सामने आए हैं कि अधिकारी पर एक विशेष ठेका मंत्री के करीबी लोगों को देने के लिए दबाव डाला जा रहा था। रंधावा के पास तरनतारन जिले के पट्टी विधानसभा क्षेत्र का अतिरिक्त कार्यभार भी था। आरोप यह भी है कि इस मामले को लेकर उनके साथ मारपीट तक की गई थी।

विपक्ष का हमला तेज

  • इस घटना के बाद विपक्षी दलों ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया है।
  • कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने आरोप लगाया कि मामले को दबाने की कोशिश की गई और मंत्री के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की।
  • बीजेपी नेता सुनील जाखड़ ने इसे भ्रष्टाचार का उदाहरण बताया।
  • शिरोमणि अकाली दल के बिक्रम सिंह मजीठिया ने निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग उठाई।

जांच पर टिकी सबकी नजर

फिलहाल, पूरे मामले की जांच शुरू हो चुकी है और राज्य की राजनीति में इसे लेकर हलचल बनी हुई है। अब सभी की नजर जांच रिपोर्ट और आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी है।