मंत्री परगट सिंह का तंज, कहा- ‘स्कूल एजुकेशन में हम पहले और दिल्ली 6वें नंबर पर, केजरीवाल को चिंता करने की जरूरत नहीं, अपनी देखें’

चंडीगढ़। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल लगातार पंजाब का दौरा कर रहे हैं और जमकर चुनावी वादे कर रहे हैं. अगले साल होने वाले पंजाब विधानसभा चुनाव में वोटरों को लुभाने का वो कोई मौका नहीं छोड़ना चाहते. अभी कुछ दिनों पहले ही उन्होंने अमृतसर दौरे के दौरान शिक्षकों को 8 गारंटी दी और राज्य की शिक्षा को दिल्ली जैसा बनाने का वादा किया. अब इस पर सियासी जंग छिड़ गई है. इसे लेकर अब पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने दिल्ली के CM अरविंद केजरीवाल पर तंज कसा है. परगट सिंह ने कहा कि स्कूल एजुकेशन में पंजाब पहले और दिल्ली छठवें नंबर पर है, इसलिए केजरीवाल पंजाब की चिंता न करें, बल्कि अपनी करें.

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शिक्षा मंत्री परगट सिंह ने कहा कि पंजाब ने स्कूल एजुकेशन के नेशनल परफार्मेंस ग्रेड इंडेक्स (NPGI) में टॉप किया है. दिल्ली के मुकाबले पंजाब पढ़ाई से लेकर इन्फ्रास्ट्रक्चर तक पहले नंबर पर रहा है. उन्होंने कहा कि पंजाब में टीचर-स्टूडेंट अनुपात भी दिल्ली के मुकाबले बेहतर है. पंजाब में 4% के मुकाबले दिल्ली में 15% स्कूलों में यह अनुपात खराब है. परगट सिंह ने कहा कि हम दिसंबर अंत तक 20 हजार टीचर भर्ती कर रहे हैं. इससे पहले हम 8,886 टीचरों को रेगुलर कर चुके हैं. इसके अलावा 1,117 स्टाफ को प्रमोट कर चुके हैं. पंजाबियों को हमारे सरकारी स्कूल सिस्टम पर पूरा भरोसा है. पिछले 4 वर्षों में पंजाब के सरकारी स्कूलों की प्राइमरी क्लास में स्टूडेंट्स की गिनती 1.93 लाख से बढ़कर 3.3 लाख हो चुकी है.

 

केजरीवाल ने पंजाब दौरे के दौरान अध्यापकों को दी थी 8 गारंटी

 

  • पंजाब में 18 साल से कच्चे और कॉन्ट्रैक्ट पर अध्यापक काम कर रहे हैं. 18 साल से भी उनका वेतन 10 हजार रुपए है, जबकि दिल्ली में 15 हजार से कम किसी का वेतन नहीं है. पंजाब में वह न्यूनतम वेतन तय करेंगे.
  • आप की सरकार बनते ही सभी ठेके वाले और आउटसोर्स टीचर्स को पक्का करेंगे.
  • ट्रांसफर पॉलिसी में सुधार होगा. घरों के पास काम करने का मौका मिलेगा. अध्यापकों से उनके स्कूल पूछे जाएंगे.
  • टीचर्स से सिर्फ पढ़ाई करवाई जाएगी. क्लर्क, बीएलओ और मतगणना जैसे काम नहीं करवाए जाएंगे.
  • पंजाब में टीचर्स के खाली पदों को भरा जाएगा.
  • दिल्ली में टीचर्स को ट्रेनिंग के लिए विदेश भेजा जाता है, वैसे ही पंजाब के टीचर्स को भी आईआईएम लखनऊ, अहमदाबाद के अलावा अमेरिका और फिनलैंड भेजा जाएगा.
  • अध्यापकों की प्रमोशन टाइम बाउंड की जाएगी, ताकि सब तरक्की कर सकें.
  • अध्यापकों के परिवार वालों की भी कैशलैस हेल्थ पॉलिसी की जाएगी.

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दिल्ली सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि राष्ट्रीय राजधानी की शिक्षा को वहां के अध्यापकों ने ही ठीक किया है. मैं पंजाब में भी टीचरों को साथ लेकर चलूंगा. उन्होंने कहा कि अभी पंजाब में 24 लाख बच्चों का भविष्य अंधकार में है. कई स्कूलों में शिक्षकों की भारी कमी है. एक ही टीचर पता चल रहा है कि सभी सब्जेक्ट्स पढ़ा रहे हैं.

 

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