बरनाला। जिला प्रशासन बरनाला ने आम जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले मिलावटखोरों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। उपायुक्त हरप्रीत सिंह के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए छेड़े गए अभियान के तहत, अतिरिक्त उपायुक्त विवेक कुमार मोदी की अदालत ने 7 महत्वपूर्ण मामलों का निपटारा करते हुए दोषी फर्मों और उनके मालिकों पर कुल 2 लाख 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है।

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अतिरिक्त उपायुक्त विवेक कुमार मोदी ने बताया कि 9 अप्रैल को उनकी अदालत में पेश हुए खाद्य पदार्थों के नमूनों से संबंधित मामलों में यह दंडात्मक कार्रवाई की गई। जिन फर्मों पर जुर्माना लगाया गया, उनमें मुख्य रूप से मिल्क केक- बरनाला की एक फर्म। खोया और पनीर- धनौला स्थित फर्में। सरसों का तेल- घुनस (दो फर्में) और तपा की एक फर्म। और कुकिंग ऑयल- हंडियाया की एक फर्म।

स्वास्थ्य विभाग को निरंतर चेकिंग के निर्देश

उपायुक्त हरप्रीत सिंह ने स्पष्ट किया कि दूध, पनीर, खोया और तेल जैसे जरूरी खाद्य पदार्थों की शुद्धता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वे नियमित रूप से छापेमारी करें और संदिग्ध पदार्थों के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए खरड़ स्थित स्टेट लेबोरेटरी भेजें। यदि सैंपल मानकों पर खरे नहीं उतरते हैं, तो मामले को सीधे अदालत में भेजा जाता है।

तीन महीने की रिपोर्ट: 11 सैंपल पाए गए फेल

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से मार्च 2026 के बीच जिला भर से सरसों के तेल, दूध, घी, पनीर, खोए, मिठाइयों और कुकिंग ऑयल के कुल 29 सैंपल लिए गए थे। इनमें से 18 सैंपल जांच में पास हुए, जबकि 11 सैंपल सब-स्टैंडर्ड पाए गए।

मिलावटखोरों के लिए चेतावनी

प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में मिलावट के खिलाफ सख्ती और बढ़ाई जाएगी। इस बड़ी कार्रवाई से मिलावट करने वाले व्यापारियों में हड़कंप मच गया है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बरनाला के निवासियों को बाजार में हर हाल में शुद्ध और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध हों।