चंडीगढ़: पंजाब में शिक्षा क्षेत्र को नई दिशा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने वर्ल्ड बैंक के साथ मिलकर करीब ₹3,500 करोड़ के निवेश से स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन शुरू किया है, जिसका उद्देश्य सरकारी स्कूलों की व्यवस्था को आधुनिक और विश्वस्तरीय बनाना है।

इस मिशन के तहत शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर निवेश किया जाएगा। कुल राशि में से ₹2,500 करोड़ वर्ल्ड बैंक और ₹1,000 करोड़ पंजाब सरकार की ओर से दिए जाएंगे। सरकार का कहना है कि यह समझौता केवल आर्थिक सहयोग नहीं, बल्कि पंजाब की शिक्षा नीतियों पर वैश्विक संस्थाओं के भरोसे को भी दर्शाता है।

राज्य सरकार का दावा है कि पिछले कुछ वर्षों में सरकारी स्कूलों की स्थिति में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। पहले जहां कई स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं थीं, वहीं अब स्मार्ट क्लासरूम, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और आधुनिक शिक्षण व्यवस्था उपलब्ध कराई जा रही है। इससे अभिभावकों का भरोसा भी सरकारी स्कूलों पर बढ़ा है।

मिशन के तहत होंगे बड़े बदलाव

स्कूल ट्रांसफॉर्मेशन मिशन के तहत अगले छह वर्षों में 20,000 से अधिक सरकारी स्कूलों के बुनियादी ढांचे, डिजिटल शिक्षा और प्रबंधन प्रणाली को मजबूत किया जाएगा। इसके साथ ही छात्रों को साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) के साथ-साथ व्यावसायिक शिक्षा पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा ताकि वे वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार हो सकें।

सरकार ने राज्य में स्कूल ऑफ एमिनेंस की शुरुआत भी की है, जहां आधुनिक सुविधाओं के साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दी जा रही है। वहीं, शिक्षकों और प्रिंसिपलों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में भेजा गया है।

इसके अलावा स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड, बाउंड्री वॉल, बेहतर किचन, मिड-डे मील व्यवस्था और आधुनिक क्लासरूम जैसी सुविधाओं को भी विकसित किया जा रहा है। सरकार का कहना है कि शिक्षा सुधार के जरिए युवाओं को नशे से दूर कर उन्हें खेल और पढ़ाई की ओर प्रेरित किया जा रहा है।

युवाओं को बनाया जा रहा जॉब क्रिएटर

मान सरकार ने शिक्षा बजट बढ़ाकर इस क्षेत्र को प्राथमिकता दी है। बिजनेस ब्लास्टर्स जैसे कार्यक्रमों के जरिए छात्रों को उद्यमिता की ओर प्रोत्साहित किया जा रहा है, ताकि वे भविष्य में नौकरी तलाशने के बजाय रोजगार देने वाले बन सकें।

सरकार का दावा है कि शिक्षा सुधार की ये पहल पंजाब को न केवल देश में बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नई पहचान दिलाएगी और राज्य को “रंगला पंजाब” की दिशा में आगे बढ़ाएगी।