Puri Jagannath Temple Suna Besha 2026: पुरी. पवित्र शहर पुरी शनिवार को भक्तिमय माहौल में जगमगाने वाला है. पौष पूर्णिमा के शुभ अवसर पर पुरी के जगन्नाथ मंदिर में सूना बेशा (स्वर्ण पोशाक) और पुष्य अभिषेक की भव्य रस्में आयोजित की जाएंगी.
हजारों भक्त मंदिर पहुंचकर रत्न सिंहासन पर विराजमान भगवान जगन्नाथ, बलभद्र और सुभद्रा को चमचमाते सोने के गहनों से सजे हुए देखने की उम्मीद कर रहे हैं.
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मान्यता के अनुसार, यह दिन भगवान राम के 14 वर्षों के वनवास के बाद अयोध्या के राजा के रूप में राज्याभिषेक का प्रतीक माना जाता है. शास्त्रों में पुष्य अभिषेक को शाही राज्याभिषेक बताया गया है, जिसमें भगवान का पवित्र जल से अभिषेक किया जाता है और उन्हें सोने के वस्त्र पहनाए जाते हैं. भक्तों का विश्वास है कि इस दिव्य दर्शन से पाप धुल जाते हैं और वैकुंठ की प्राप्ति होती है.
इतिहासकारों के अनुसार, जगन्नाथ मंदिर में सूना बेशा (स्वर्ण पोशाक) की परंपरा 1460 ईस्वी में गजपति राजा कपिलेंद्र देव के शासनकाल से जुड़ी मानी जाती है. कहा जाता है कि उन्होंने अपनी दक्षिणी विजय से प्राप्त विशाल खजाना भगवान जगन्नाथ को दान किया था. इसके बाद ओडिशा के राजाओं और जमींदारों ने मंदिर के आभूषणों के संग्रह को और समृद्ध किया.
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इस रस्म के दौरान देवताओं को रेशमी पाट वस्त्र और आकर्षक गहने पहनाए जाते हैं. भगवान जगन्नाथ सोने का शंख और चक्र धारण करते हैं, बलभद्र हल और मूसल के साथ विराजमान होते हैं, जबकि देवी सुभद्रा सोने के आभूषणों में दमकती नजर आती हैं.
मंदिर प्रशासन ने भक्तों की सुविधा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं, ताकि सभी श्रद्धालु इस दुर्लभ और दिव्य दृश्य के सुचारू दर्शन कर सकें.
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