रायबरेली. संपत्ति छिपाने पर 42 डॉक्टरों का वेतन रोक दिया गया है. सीएमओ के आदेश के ये कार्रवाई की गई है. इन डॉक्टरों ने मानव संपदा पोर्टल पर अपनी संपत्ति की जानकारी अपडेट नहीं की थी. जिसके चलते सभी का जनवरी महीने का वेतन रोक दिया गया है. 31 जनवरी तक सभी सरकारी कर्मचारियों को अपनी संपत्ति का ब्यौरा देना था. इस कार्रवाई के तहत डिप्टी सीएमओ अशोक कुमार का भी वेतन रोक दिया गया है. साथ ही डॉ. कफील अहमद, डॉ. सपना, डॉ. शिखा श्रीवास्तव समेत 42 लोगों का वेतन रोका गया है. वेतन रोके जाने से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है.

बता दें कि बीते दिनों भी प्रदेशभर में वेतन रोकने की कार्रवाई की गई थी. शासन ने 68 हजार से ज्यादा राज्यकर्मियों का वेतन रोक दिया था. भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस नीति के तहत ये निर्णय लिया गया. इन राज्यकर्मियों ने अपनी चल-अचल संपत्ति का ब्योरा अपलोड नहीं किया था. ये ब्योरा कर्मचारियों को मानव संपदा पोर्टल पर अपलोड करना था. ऐसा नहीं करने की वजह से सरकार ने इनकी सैलरी रोक दी गई.

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बताया गया था कि जब तक कर्मचारी अपनी संपत्तियों का ब्योरा नहीं दे देंगे, तब तक उनका वेतन रुका रहेगा. मुख्य सचिव ने पहले ही वेतन रोकने से संबंधित निर्देश जारी किए थे. विभागों को 31 जनवरी तक ब्योरा अपलोड करने के लिए मोहलत दी गई थी. जल्द विवरण अपलोड नहीं करने पर आगे कार्रवाई की जाएगी.