चंडीगढ़। कांग्रेस में 2027 के चुनाव से पहले जट्ट सिख बनाम दलित राजनीति पर बवाल बढ़ते ही, राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं की सख्त क्लास लगाई। राहुल गांधी ने दो-टूक कहा कि अनुशासनहीनता किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। करीब 3 घंटे चली मीटिंग में पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल, प्रधान अमरिंद्र सिंह राजा वडिंग, प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर सिंह रंधावा, अमर सिंह और विजयइंद्र सिंगला मौजूद रहे।

कांग्रेस सूत्रों के अनुसार, चन्नी के दलितों को प्रतिनिधित्व न मिलने के बयान पर राहुल गांधी ने कड़ी नाराजगी जताई। मीटिंग के बाद कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव के. एस. वेणुगोपाल ने कहा कि नेताओं को पार्टी फोरम में ही मुद्दे उठाने और मीडिया से दूर रहने का निर्देश दिया उन्होंने कहा कि गुटबाजी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। भूपेश बघेल ने बताया कि आने वाले एक साल की रूपरेखा पर सुझाव दिए गए और अनुशासनहीनता को पूरी तरह रोका जाएगा।

विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि पार्टी आदेशों का पालन करेगी और चुनाव में एकजुट होकर लड़ेगी। प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने कहा कि हाईकमान द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन किया जाएगा और अन्य मामलों पर बाद में चर्चा होगी। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि पंजाब कांग्रेस के प्रधान समेत लीडरशिप में कोई बदलाव नहीं होगा और पार्टी पूरी तरह से एकजुट होकर चुनावी तैयारी करेगी।