कोरोना आपदा के बीच रेलवे का मजाक, 21 डाॅक्टरों का चयन कर नहीं दी नियुक्ति, अभ्यर्थी हुए परेशान

बिलासपुर स्थित सेंट्रल अस्पताल में 3 महीने के कांट्रेक्ट पर चयनित किए गए थे डाॅक्टर, 20 अप्रैल को जारी की गई थी चयन सूची

रायपुर. रेलवे उन डॉक्टरों को एक महीने बाद भी नहीं बुला रहा है, जिन डॉक्टरों का चयन उसने कोरोना के इलाज के लिए किया था. दरअसल रेलवे ने कोविड के इलाज के लिये बिलासपुर के सेंट्रल अस्पताल में 3 महीने के कांट्रेक्ट पर जिन 21 डॉक्टरों को चयनित किया था, उसमें से एक भी डॉक्टर को नौकरी ज्वाइन करने के लिए नहीं बुलाया गया है. चयनित अभ्यर्थी परेशान हैं.

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दरअसल रेलवे ने कोरोना के बढ़ते खतरे को देखते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के सेंट्रल अस्पताल में 3 आइसोलेशन वार्ड बनाने और कोरोना के इलाज के लिए 21 डॉक्टर और 103 पैरा मैडिकल स्टाफ की नियुक्ति की घोषणा की.

इन पदों पर नियुक्ति 3 महीने की अवधि के लिए होनी थी. जिसे बाद में बढ़ाया जा सकता था. रेलवे ने बताया कि 1 मई से उम्मीदवारों को नियुक्ति दे दी जाएगी. रेलवे के इस कदम की खूब वाहवाही हुई. लेकिन हैरानी की बात है कि ये घोषणा केवल घोषणा रह गई. मई के तीसरे हफ्ते तक किसी भी डॉक्टर की नियुक्ति नहीं हुई है. जबकि उम्मीदवारों के इंटरव्यू अप्रैल के दूसरे और तीसरे हफ्ते में ही ले लिए गए हैं. 20 अप्रैल को चयनित उम्मीदवारों की सूची भी जारी कर दी गई. लेकिन उसके बाद से नियुक्ति का मामला लटका हुआ है.

एक अभ्यर्थी ने नाम न छपने की शर्त पर बताया कि सभी उम्मीदवार ज्वाइनिंग का इंतज़ार कर रहे हैं लेकिन आज तक कोई कॉल नहीं आई है. उन्हें समझ में नहीं आ रहा है कि जब उनकी सेवाएं 1 मई से ली जानी थी तो अभी तक उन्हें कॉल क्यों नहीं आया.

इस बारे में रेलवे का पक्ष जानने के लिए दक्षिण पूर्व मध्य के जनसंपर्क अधिकारी रतन बसाक से संपर्क साधने की कई बार कोशिश की गई लेकिन उनका मोबाइल लगातार बंद आया.

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