रायपुर। राजधानी रायपुर को आधुनिक, सुव्यवस्थित और जनकेंद्रित शहर के रूप में विकसित करने के लिए राज्य सरकार ने एक व्यापक ब्लू प्रिंट तैयार किया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की मंशानुरूप तैयार इस योजना में आगामी 15 वर्षों की जनसंख्या वृद्धि और शहरी आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए 12,692 करोड़ रुपये की समन्वित विकास कार्ययोजना बनाई गई है। इसमें जल प्रबंधन, सीवरेज, स्वच्छता, सड़क, बिजली, पेयजल और अन्य बुनियादी सुविधाओं को प्रमुखता से शामिल किया गया है।
मुख्यमंत्री साय की अध्यक्षता में मंगलवार को आयोजित बैठक में राजधानी रायपुर के समग्र विकास को लेकर इस ब्लू प्रिंट का विस्तृत प्रस्तुतिकरण दिया गया। बैठक में विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

बारिश की समस्या से मिलेगी राहत, बनेगा 1500 करोड़ का अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम
रायपुर शहर में बरसात के मौसम में जलभराव और नालियों के ओवरफ्लो की समस्या से स्थायी राहत दिलाने के लिए 1500 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक अंडरग्राउंड सीवरेज सिस्टम विकसित किया जाएगा। इसके तहत नया सीवरेज चैनल तैयार किया जाएगा, जिससे आने वाले कई वर्षों तक नालियों के चोक होने और सड़कों पर पानी भरने की समस्या नहीं रहेगी।
इस परियोजना का पूरा ड्राइंग और डिजाइन तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में अधिकारियों के बदलाव के बावजूद ड्रेनेज सिस्टम की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध रहे।

पेयजल व्यवस्था होगी मजबूत, डूंडा में बनेगा नया फिल्टर प्लांट
आने वाले 14–15 वर्षों की पेयजल जरूरतों को देखते हुए डूंडा में 130 करोड़ रुपये की लागत से 100 से 150 एमएलडी क्षमता का फिल्टर प्लांट स्थापित किया जाएगा। इससे राजधानी की बढ़ती आबादी को शुद्ध पेयजल की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित की जा सकेगी।
सड़क, परिवहन और व्यावसायिक विकास को मिलेगा बढ़ावा
शहर के यातायात और व्यावसायिक गतिविधियों को सुदृढ़ करने के लिए कई बड़ी परियोजनाएं प्रस्तावित की गई हैं।
- पंडरी बस स्टैंड में 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स का निर्माण किया जाएगा।
- लोक निर्माण विभाग द्वारा एक्सप्रेस वे (टेमरी) से वीआईपी रोड को जोड़ने के लिए 156 करोड़ रुपये की फोरलेन सड़क बनाई जाएगी।
- संग–उरकुरा रोड के निर्माण पर 186 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
अंडरग्राउंड केबलिंग और खारुन रिवर फ्रंट का निर्माण
शहर की बिजली व्यवस्था को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए बिजली कंपनी द्वारा 450 करोड़ रुपये की लागत से पूरे रायपुर में अंडरग्राउंड केबलिंग की जाएगी। वहीं, रायपुर विकास प्राधिकरण (RDA) 131 करोड़ रुपये की लागत से खारुन रिवर फ्रंट का निर्माण करेगा, जिससे शहर को नया सौंदर्य और पर्यटन की पहचान मिलेगी।
2040 तक के लिए तैयार की गई समग्र योजना
राजधानी रायपुर के वर्ष 2040 तक के विकास को ध्यान में रखते हुए यह समग्र कार्ययोजना तैयार की गई है। सड़क, नाली, पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं के साथ-साथ आधुनिक और तकनीकी विकास को भी इसमें शामिल किया गया है। लोक निर्माण विभाग, नगर निगम, जल संसाधन विभाग, बिजली कंपनी, हाउसिंग बोर्ड और आरडीए सहित कई विभाग मिलकर अगले 15 वर्षों में 12,691.96 करोड़ रुपये की योजनाओं पर कार्य करेंगे।
मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित होगा रायपुर: मुख्यमंत्री
बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि रायपुर को मेट्रो सिटी की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। उन्होंने बताया कि कनेक्टिविटी, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, सड़क, पेयजल, बिजली और संचार सुविधाओं पर विशेष फोकस रहेगा।
मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि नगरीय निकायों को अधोसंरचना विकास के लिए पहले की तुलना में ढाई गुना अधिक संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे और रायपुर के विकास के लिए फंड की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि तेजी से बढ़ते शहरीकरण को देखते हुए यह योजनाएं आवश्यक हैं और इनके माध्यम से रायपुर को एक आधुनिक, सुविधाजनक और भविष्य के लिए तैयार राजधानी के रूप में विकसित किया जाएगा।
Lalluram.Com के व्हाट्सएप चैनल को Follow करना न भूलें.
https://whatsapp.com/channel/0029Va9ikmL6RGJ8hkYEFC2H

