निगम आयुक्त विश्वदीप ने वसूली में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को प्रतिदिन 1 करोड़ रुपए राजस्व वसूलने का लक्ष्य दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. अधिकारियों को एसआईआर की ड्यूटी और बाहरी कार्यों में लगातार लगाया जा रहा है, जिससे राजस्व कर्मचारियों का समय और संसाधन दोनों बंट रहे हैं. वर्तमान में प्रतिदिन की वसूली 30 से 40 लाख रुपए के बीच सिमट गई है.

रायपुर. राजधानी नगर निगम इस वर्ष राजस्व वसूली के मोर्चे पर गंभीर संकट से जूझ रहा है. वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए 475 करोड़ रुपए कुल राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया था, लेकिन अब तक केवल 100 करोड़ रुपए ही वसूले जा सके हैं. यह लक्ष्य का मात्र 20 प्रतिशत है, जो निगम की वित्तीय स्थिति पर सीधा दबाव डाल रहा है. पिछले वर्ष की तुलना में इस साल वसूली की रफ्तार और भी धीमी है. पिछले वित्तीय वर्ष में इसी अवधि की तुलना में लगभग 20 करोड़ रुपए की कमी दर्ज की गई है.

एसआईआर ड्यूटी का असर

निगम आयुक्त विश्वदीप ने वसूली में तेजी लाने के लिए अधिकारियों को प्रतिदिन 1 करोड़ रुपए राजस्व वसूलने का लक्ष्य दिया था, लेकिन जमीनी हकीकत इससे बिल्कुल उलट है. अधिकारियों को एसआईआर की ड्यूटी और बाहरी कार्यों में लगातार लगाया जा रहा है, जिससे राजस्व कर्मचारियों का समय और संसाधन दोनों बंट रहे हैं. वर्तमान में प्रतिदिन की वसूली 30 से 40 लाख रुपए के बीच सिमट गई है, जो तय लक्ष्य के मुकाबले बेहद कम है.

लक्ष्य पूरा करना बड़ी चुनौती

बचे हुए पांच महीनों में निगम को लगभग 390 करोड़ रुपए की वसूली करनी है, जो मौजूदा स्थिति में लगभग असंभव दिखती है. कर विभाग, संपत्ति कर, ट्रेड लाइसेंस, पानी बिल, विज्ञापन शुल्क तथा अन्य राजस्व स्रोतों में अपेक्षित प्रगति नहीं हो रही. सीजन के अंतिम महीनों में कई बार वसूली बढ़ जाती है, लेकिन इस बार अंतराल बहुत बड़ा है, जिसे पाटना कठिन होगा.

ओपन प्लॉट से वसूली का नया प्लान

 निगम प्रशासन ने इस वर्ष ओपन प्लॉट से भी टैक्स वसूली करने की रणनीति बनाई है. नगर निगम क्षेत्र में कुल 38 हजार 292 ओपन प्लॉट दर्ज हैं. इनसे वसूली बढ़ाने के उद्देश्य से विशेष अभियान बलाया गया है, जिसके तहत अब तक 6 हजार प्लॉटों से लगभग 8 करोड़ रुपए की वसूली की जा चुकी है. हालांकि अभी भी 32 हजार से अधिक ओपन प्लॉट से वसूली शेष है, और यदि अभियान को तेज न किया गया तो इस स्रोत से भी राजस्व वसूली अधूरी रह जाएगी.