Raipur News : रायपुर. निगम आयुक्त विश्वदीप ने वर्ष 2026 में टैक्स वसूली का लक्ष्य 400 करोड़ दे दिया है. इसके एवज में नगर निगम का राजस्व अमला 31 दिसंबर तक की स्थिति में लगभग 100 करोड़ रुपये की वसूली कर चुका है. अब मार्च के अंत तक शेष 300 करोड़ की वसूली के लिए निगम का राजस्व विभाग बड़े बकायादारों को डिमांड नोट जारी कर रहा है. इनमें निजी स्कूल प्रबंधन भी शामिल है. इन्हीं में से पं. दीनदयाल उपाध्याय वार्ड के लिटिल फ्लावर स्कूल को जोन-5 कमिश्नरी ने अंतिम डिमांड नोटिस जारी कर एक सप्ताह के भीतर टैक्स जमा करने अल्टीमेटम दे दिया है. वहीं छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (सीएसपीडीसीएल) को भी तीन सबस्टेशन का टैक्स पटाने 1 करोड़ 11 लाख रुपये का नोटिस जारी कर दिया है. डीडीनगर के उक्त स्कूल पर वर्ष 2016-17 से अब तक का 2 करोड़ 1 लाख 19 हजार 159 रुपये प्रॉपर्टी टैक्स बकाया है.

जोन के सहायक राजस्व अधिकारी प्रमोद जाधव ने बताया कि जोन अंतर्गत ऐसे लगभग 10 निजी स्कूल हैं, अगर ये शिक्षा का अधिकार कानून (आरटीई) के तहत शासन द्वारा तय की संख्या के अनुसार गरीब बच्चों को अपने स्कूल में एडमिशन दिये हैं तो उन्हें टैक्स में 50 प्रतिशत छूट का लाभदिया जाएगा. श्री जाधव ने बताया कि इस स्कूल का सर्वे जीआईएस सिस्टम से करने के बाद बाकायदा टैक्स तय करके इस पर दावा-आपत्ति बुलाई गई थी.

ब्याज माफी पर चल रही खींचतान

प्रॉपर्टी टैक्स के बकाया में व्याज की रकम माफ करने को लेकर निगम और विद्युत वितरण कंपनी में खींचतान चल रही है. निगम के अधिकारियों ने कहा कि निगम से भी समय पर बिजली बिल नहीं पटाये जाने पर कंपनी अधिभार के साथ शुल्क लेती है. ऐसी स्थिति में टैक्स में देरी पर जुड़ने वाले ब्याज को छोड़ना संभव नहीं होगा.

आयकर अधिनियम में पंजीकृत को माफी

सहायक राजस्व अधिकारी जाधव ने बताया कि अभी आयकर अधिनियम की धारा 1961 के 12 ए में यदि कोई शैक्षणिक संस्था पंजीबद्ध है तो उसे प्रॉपर्टी टैक्स में संपूर्ण छूट दी जा रही है, जो राजस्व कलेक्शन के हिसाब से उचित नहीं है. क्योंकि इसका फायदा बड़े निजी शैक्षणिक संस्थान उठाने लगे हैं. वहीं अगर कोई स्कूल पंजीकृत नहीं है लेकिन शिक्षा का अधिकार कानून के तहत बच्चों को लाभ देते हैं उन्हें 50 फीसदी छूट का प्रावधान दिया गया है. उन्होंने बताया कि बड़े स्कूल 12 ए में रजिस्ट्रेशन का फायदा उठा रहे हैं. यही संस्थान बच्चों से शुल्क के नाम पर प्रति वर्ष 8 प्रतिशत अतिरिक्त बढ़ोत्तरी भी करते हैं.

6 में से सिर्फ 3 सबस्टेशन का टैक्स

छत्तीसगढ़ विद्युत वितरण कंपनी से प्रॉपर्टी टैक्स पर सहायक राजस्व अधिकारी जाधव ने कहा कि जोन-5 अंतर्गत बिजली सप्लाई के 6 सबस्टेशन हैं. इनमें से तीन का टैक्स कंपनी जमा करती है और शेष तीन में से डीडीनगर सबस्टेशन का वर्ष 2000 और ईदगाहभाठा सबस्टेशन का 2009-10 और भाठागांव वालफोर्ट के पीछे सबस्टेशन का 2004-05 से बकाया है. इनमें डीडीनगर का सबसे अधिक 1 करोड़ 11 लाख, भाठागांव का 14 लाख 50 हजार और ईदगाहभाठा का 27 लाख 90 हजार रुपये का टैक्स विद्युत कंपनी को देना होगा.